रक्षा उत्पादन विभाग (DDP’s) द्वारा ‘उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकी’ विषय पर राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन (NDIC) का आयोजन 19–20 मार्च, 2026 को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में किया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के रक्षा विनिर्माण तंत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के एकीकरण को सुदृढ़ करना है। साथ ही, स्वचालन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्विन्स और स्मार्ट मैटेरियल्स जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के सरकारी दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसका मकसद रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत की तकनीकी क्षमता को सशक्त बनाते हुए उसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।
National Defence Industries Conclave 2026: A Platform for Innovation
इस सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs), स्टार्टअप, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSUs), निजी रक्षा कंपनियां, नवप्रवर्तक, नीति-निर्माता, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी प्रदाता एक मंच पर एकत्रित होंगे। इसका उद्देश्य नीतिगत संवाद को सुगम बनाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी का विस्तार करना है। इस आयोजन के माध्यम से गैर-रक्षा क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को भी रक्षा विनिर्माण में उपलब्ध अवसरों का अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की अपेक्षा है। साथ ही, यह उद्योग-अकादमिक साझेदारी को सुदृढ़ करने और सहयोगात्मक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत रक्षा मंत्री उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों और रक्षा नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, वे रक्षा बलों और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSUs) द्वारा स्टार्टअप्स एवं एमएसएमई के लिए निर्धारित नई चुनौतियों का शुभारंभ भी करेंगे। इसके अतिरिक्त, रक्षा विनिर्माण और नीतिगत सुधारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी इस अवसर पर किया जाएगा।
इस प्रदर्शनी में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी रक्षा कंपनियों के स्टॉल होंगे, जो रक्षा निर्माण में एमएसएमई को साझेदार और आपूर्तिकर्ता के रूप में शामिल करने के लिए अपनी पहल और कार्यक्रम पेश करेंगे। चौबीस (24) भारतीय और विदेशी कंपनियां उन्नत निर्माण प्रौद्योगिकियों का भी प्रदर्शन करेंगी। इस प्रदर्शनी से बड़े निजी रक्षा निर्माता, डीपीएसयू, प्रौद्योगिकी प्रदाता और MSMEs के बीच सार्थक साझेदारियों को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है, जो आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी रक्षा निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देगा।