नागपुर, 14 फरवरी : विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ‘विकसित नागपुर–2047’ दीर्घकालिक, सतत और समावेशी विकास योजना केवल एक दस्तावेज बनकर नहीं रहेगी। राज्य सरकार इस योजना के प्रत्येक घटक और रणनीति को समयबद्ध तरीके से लागू करेगी, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया।
वे Maharashtra Institution for Transformation (मित्रा) द्वारा आयोजित नागपुर विभाग के सतत विकास की रणनीति पर आधारित कार्यशाला के समापन सत्र में बोल रहे थे। यह कार्यशाला इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी नागपूर में आयोजित की गई।
इस अवसर पर वित्त एवं नियोजन राज्यमंत्री आशीष जायसवाल, गृह राज्यमंत्री पंकज भोयर, एशियन डेव्हलपमेंट बँक की मियो ओका, ‘मित्रा’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण परदेशी तथा विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र तथा नागपुर क्षेत्र के विकास के लिए प्राथमिकताओं और रणनीतियों को स्पष्ट करने वाला यह एक सुव्यवस्थित खाका है। इस ‘विजन’ के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ‘मित्रा’ संस्था को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत–2047’ का सपना देश के सामने रखा है, जिसके तहत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शुरुआत में यह लक्ष्य दूर प्रतीत हो सकता है, लेकिन महाराष्ट्र के सामने चुनौतियों के साथ-साथ व्यापक अवसर भी मौजूद हैं। ‘विकसित नागपुर–2047’ का विजन इन दोनों के बीच सेतु का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास समावेशी और न्यायसंगत होना चाहिए तथा प्रत्येक जिला विकास का गतिशील केंद्र बनना चाहिए। नागपुर को केंद्र में रखकर क्षेत्र के छह जिलों के विकास की बड़ी संभावना है।
कार्यक्रम में ‘जीआईएस मित्रा’ ऐप का औपचारिक शुभारंभ किया गया। साथ ही ‘मित्रा’ और वीएनआईटी, आईआईएम नागपुर तथा वाधवानी फाउंडेशन के बीच तीन अलग-अलग समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।