बिहार, दिनांक 11 जनवरी, 2026: पटना स्थित भारत विकास एवं संजय आनंद विकलांग अस्पाताल के 27वें स्थापना दिवस समारोह के के उदघाटन पर तमिलनाडु के राज्यपाल माननीय श्री आर.एन. रवि, ने कहा कि 2047 तक बिहार दिव्यांगता मुक्त हो जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस संस्था जिस संकल्प के साथ चल रहा है वह अविश्वनीय है। मैं आप लोगों से आशा करता हूँ कि इस संस्था से जुड़ें और बिहार को दिव्यांगता मुक्त बनायें। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों से आग्रह किया कि इस संस्था से जो नहीं जुड़े हैं वो जुड़ें एवं अगर इस कार्य में युवा आयें तो और अच्छा होगा।
माननीय राज्यपाल ने अस्पताल परिसर में आकर यहाँ से दी जाने वाली सेवाओं का अवलोकन भी किया और कहा कि लाजवाब है यह सेवा। अप्रवासी भारतीय श्री सुनील आनंद ने इस अवसर पर कहा कि मैं तो बिहार आकर बिहारी हो जाता हूँ एवं जितना सम्मान मुझे यहाँ मिलता है वह कहीं भी नहीं मिलता है। अतिविशिष्ट अतिथि श्री गंगा प्रसाद, पूर्व राज्यपाल, मेघालय एवं सिक्किम ने कहा कि यहाँ पीड़ित दिव्यांगों की जो सेवा की जा रही है वह अतुलनीय है। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, श्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा करना मतलब ईश्वर को प्राप्त करना है। प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेष एवं अस्पताल के प्राण डॉ. एस.एस. झा ने कहा कि इस संस्था के माध्यम से मैं पीड़ित दिव्यांगों की सेवा कर पाता हूँ जिसके मैं इस अस्पताल का आभारी हूँ। पटना की महापौर श्रीमती सीता साहू ने कहा कि यहाँ दिव्यांगजनों के रूप में ईश्वर की पूजा की जाती है।

समारोह में आये मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का प्रतीक चिन्ह एवं शॉल से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बाल मुकुंद कॉनकास्ट प्रा. लि. के द्वारा निर्मित सेवा वाटिका का माननीय राज्यपाल ने उद्घाटन किया एवं संजीव कानोडिया को शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर चंचल चिड़िया फांडेशन के द्वारा एक लघु नाटिका ‘हौसलों की उड़ान’ का भी प्रदर्शन किया गया।
सभा का संचालन श्रीमती निधि माथुर ने किया। स्वागत भाषण अस्पताल के चेयरमैन श्री देशबन्धु गुप्ता ने किया एवं पदम्श्री बिमल जैन ने अस्पताल की सेवाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। धन्यवाद ज्ञापन प्रबन्ध न्यासी विवेक माथुर ने किया और सभी से आग्रह किया कि आपलोगों का साथ ही हमलोगों का हौसला है। इस अवसर पर अनुपमा आनंद, वीणा गुप्ता, संजय ड्रोलिया, अमर कसेरा, जयदीप श्रीवास्तव, राकेश कुमार, विजय अग्रवाल, विक्रांत माथुर, ऋचा माथुर, रेखा कसेरा, नीतू ड्रोलिया, जया श्रीवास्तव एवं बड़ी संख्या में शहर के समाजसेवियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।