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बारामती केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि दादा की जीवनधारा थी, और उससे जुड़े हर व्यक्ति मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं — सुनेत्रा अजित पवार

बारामती, 6 अप्रैल (सोमवार)- उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार ने सोमवार को कहा कि बारामती केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि “दादा की जीवनधारा” थी, और उससे जुड़े हर व्यक्ति का उनके लिए विशेष महत्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी उपचुनाव कोई व्यक्तिगत चुनाव नहीं है, बल्कि यह उन सभी बारामतीकरों का चुनाव है, जो दादा के प्रति प्रेम और सम्मान रखते हैं।

उपचुनाव के संदर्भ में 201-बारामती विधानसभा क्षेत्र के लिए महायुति के सर्वदलीय कार्यकर्ता मेळावे का आयोजन कविवर्य मोरोपंत नाट्यगृह में किया गया।

इस मेळावे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रफुल पटेल, प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, दिलीप वळसे पाटील, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ सहित भाजपा, शिवसेना, आरपीआई, रयत क्रांति संगठन, भीमशक्ति रिपब्लिकन सेना तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

दो महीने पहले राज्य और बारामती ने अपने लोकप्रिय नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री और आदरणीय अजितदादा को खो दिया, इस भावुक संदर्भ का उल्लेख करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे बारामती की अपूरणीय क्षति है। “दादा के जाने से बारामतीकर स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं। उनके बिना यह पहली चुनावी प्रक्रिया है, और उनकी विकास दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए सभी का एकजुट रहना अत्यंत आवश्यक है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि बारामती को विश्वस्तरीय शहर बनाना दादा का सपना था। “उनकी जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन उनके सपनों को ईमानदारी से पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मेरे लिए पूरा बारामती एक परिवार है,” उन्होंने भावुक शब्दों में कहा।

सुनेत्रा पवार ने आश्वासन दिया कि दादा द्वारा शुरू की गई ‘जनता दरबार’ की परंपरा आगे भी जारी रहेगी और वे प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी प्रकार की अवैध या जनता को परेशान करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दादा द्वारा शुरू किए गए सभी विकास कार्यों को पूरा करने का उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अवसर पर महायुति के सभी नेताओं द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने दादा के विचारों के अनुरूप निरंतर कार्य करने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। साथ ही उन्होंने बारामतीकरों को आश्वस्त किया कि वे उसी समर्पण और निष्ठा के साथ बारामती और महाराष्ट्र के विकास की जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करेंगी।

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