नई दिल्ली 06अप्रैल 2026: पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति की लगातार निगरानी तेज कर दी है। सरकार ने मीडिया को जानकारी देने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग आयोजित की, जिसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, पोर्ट्स-शिपिंग तथा विदेश मंत्रालय सहित कई विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में खाद्य सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और किसी भी आपात स्थिति के लिए पर्याप्त मात्रा में चावल और गेहूं का बफर स्टॉक उपलब्ध है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यदि बाजार में कीमतों में असामान्य वृद्धि होती है तो ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के माध्यम से अतिरिक्त अनाज बाजार में उतारा जा सकता है, जिससे आपूर्ति बढ़े और कीमतें स्थिर रहें।
सरकार ने यह भी बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश में खाद्य तेल की उपलब्धता पर्याप्त है और इंडोनेशिया, मलेशिया, अर्जेंटीना और ब्राज़ील जैसे प्रमुख देशों से आयात नियमित रूप से जारी है।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी स्थिति सामान्य बताई गई है। 1 मार्च 2026 से अब तक देशभर में 18 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग की हिस्सेदारी भी बढ़कर लगभग 97 प्रतिशत हो गई है।
समुद्री मार्गों की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाज़ “ग्रीन सन्वी” और “ग्रीन आशा” हाल ही में सुरक्षित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में 16 भारतीय जहाज़ों पर लगभग 433 भारतीय नाविक मौजूद हैं।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों की यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा रही है। उदाहरण के तौर पर इज़राइल से मिस्र-जॉर्डन, ईरान से आर्मेनिया-अज़रबैजान तथा कुवैत-बहरीन से सऊदी अरब के रास्ते भारत आने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

