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IFFD-2026 में स्पेन बना ‘Country of Focus’, 47 देशों की फिल्मों ने बढ़ाया वैश्विक आकर्षण

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026: राजधानी दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली (IFFD-2026) का सफल आयोजन किया गया। दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति, भाषा, पर्यटन और श्रम मंत्री Kapil Mishra ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से दिल्ली को नए भारत की “आर्ट कैपिटल” के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta के नेतृत्व में राजधानी की क्रिएटिव और ऑरेंज इकोनॉमी को मजबूत करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

पहले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली में रिकॉर्ड 100 से अधिक देशों से 2187 फिल्मों की एंट्री प्राप्त हुई। इस महोत्सव के दौरान 47 देशों की 125 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जो दिल्ली के विभिन्न स्थानों सहित Bharat Mandapam में आयोजित हुआ। फिल्म महोत्सव में देश-विदेश के दर्शकों और फिल्म प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महोत्सव के इस संस्करण में स्पेन को ‘कंट्री ऑफ फोकस’ बनाया गया, जबकि Singapore International Film Festival को आधिकारिक साझेदार के रूप में जोड़ा गया। इस साझेदारी ने आयोजन को और अधिक वैश्विक आयाम प्रदान किया। फेस्टिवल के लिए दुनियाभर से 30 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए, जो इस आयोजन के प्रति व्यापक रुचि को दर्शाते हैं।

फिल्म फेस्टिवल के दौरान दिल्ली पर्यटन विभाग और Prasar Bharati के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दिल्ली में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देना और राजधानी को प्रमुख मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करना है।

महोत्सव में आयोजित मास्टरक्लास, वर्कशॉप और चर्चाओं में एआई, ओटीटी प्लेटफॉर्म और नई फिल्म तकनीकों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके साथ ही एआई फिल्ममेकिंग हैकाथॉन का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं और उभरते फिल्मकारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि फेस्टिवल के अंतर्गत 6 फिल्म प्रोजेक्ट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है और इनमें से 3 फिल्में भविष्य में देशभर में प्रदर्शित की जाएंगी। इसके अलावा ‘सिने एक्सचेंज’ कार्यक्रम के तहत 15 सह-निर्माण परियोजनाएँ और 4 निर्माणाधीन परियोजनाएँ भी प्रस्तुत की गईं।

महोत्सव के दौरान आयोजित सिनेवर्स एक्सपो में नीति, तकनीक और फिल्म से जुड़ी विरासत का प्रदर्शन किया गया, जिसमें देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी रही। इस फिल्म फेस्टिवल में मुख्यधारा सिनेमा के साथ-साथ क्षेत्रीय सिनेमा, वृत्तचित्र, लघु फिल्में, प्रयोगात्मक सिनेमा और एआई आधारित फिल्मों को भी मंच दिया गया।

अंत में Kapil Mishra ने सभी कलाकारों, फिल्मकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि IFFD-2026 ने दिल्ली की सांस्कृतिक ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह फिल्म महोत्सव और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा और दिल्ली को एक स्थायी ग्लोबल फिल्म हब के रूप में स्थापित करेगा।

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