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महाराष्ट्र में लाइव इवेंट्स के लिए बनेगा ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ सिस्टम, परमिशन प्रक्रिया होगी तेज

महाराष्ट्र में लाइव इवेंट्स, कॉन्सर्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और त्योहारों के आयोजन की अनुमति प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ सिस्टम विकसित किया जा रहा है। सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय की ओर से तैयार किए जा रहे इस सिस्टम से लाइव इवेंट्स सेक्टर से जुड़ी परिचालन और अनुमति संबंधी प्रक्रियाएं अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध होंगी।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान सचिव और महानिदेशक बृजेश सिंह ने मंत्रालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में लाइव इवेंट्स सेक्टर से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में लाइव इवेंट्स सेक्टर में आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से बड़ी संभावनाएं हैं और सरकार इस क्षेत्र के विकास को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।

बृजेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में कार्यक्रम आयोजकों को अलग-अलग विभागों से अलग-अलग अनुमतियां लेनी पड़ती हैं। इससे प्रक्रिया जटिल होती है और समय भी अधिक लगता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया जा रहा है, ताकि सभी जरूरी अनुमतियां एक ही स्थान से समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लाइव इवेंट्स से जुड़ी अनुमति प्रक्रिया के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से आयोजकों को स्पष्ट, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल व्यवस्था मिलेगी।

बैठक में लाइव इवेंट्स इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी चर्चा हुई। बृजेश सिंह ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और सरकार के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री से मिले सुझावों और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के लिए प्रभावी, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल ढांचा विकसित किया जाएगा। इससे न केवल लाइव इवेंट्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, निवेश, रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

बृजेश सिंह ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लाइव इवेंट्स सेक्टर से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना और उद्योग को अधिक सक्षम, सुविधाजनक और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराना है। अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और सरल बनाने से महाराष्ट्र में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने अनुमति प्रक्रिया की चुनौतियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक प्लानिंग, सुरक्षा मानक, पर्यावरण-अनुकूल आयोजनों, स्किल डेवलपमेंट और तकनीक के उपयोग से जुड़े सुझाव रखे।

इसके अलावा महाराष्ट्र के सांस्कृतिक, संगीत, फूड और पर्यटन उत्सवों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ब्रांडिंग, स्पॉन्सरशिप, राजस्व सृजन और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी चर्चा हुई।

बैठक में ग्रीन इवेंट्स, वेस्ट मैनेजमेंट, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और कार्बन उत्सर्जन कम करने जैसी पहलों पर भी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव समृद्धि आंगोलकर, सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय के निदेशक किशोर गंगुर्डे, निदेशक गोविंद अहंकारी और लाइव इवेंट्स सेक्टर से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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