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विश्व मांगल्य सभा की उत्तर भारत प्रबोधन बैठक 23-24 जुलाई को दिल्ली में, डॉ. मोहन भागवत करेंगे मातृत्व पर संवाद

नई दिल्ली, 15 जुलाई। मातृशक्ति के सशक्तिकरण, परिवार एवं सामाजिक जागरण के क्षेत्र में कार्यरत राष्ट्रव्यापी संगठन विश्व मांगल्य सभा की उत्तर भारत प्रबोधन बैठक 23 और 24 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होगी। इस दो दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत देशभर से आई प्रबुद्ध महिलाओं के साथ ‘मातृत्व विमर्श’ विषय पर विशेष संवाद करेंगे।

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विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि संगठन की स्थापना 19 जनवरी 2010 को नागपुर (महाराष्ट्र) में हुई थी। पिछले 16 वर्षों से संगठन मातृशक्ति के सशक्तिकरण, परिवार निर्माण और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संगठन का ध्येय वाक्य “न मातुः परं दैवतम्” है, जिसका अर्थ है— “मां से बढ़कर कोई देवता नहीं।”

उन्होंने बताया कि संगठन के संस्थापक स्वामी जीतेंद्रनाथ जी महाराज हैं, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक प्रशांत हरतालकर संगठन के राष्ट्रीय मार्गदर्शक हैं। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत संगठन के पालक स्वरूप मार्गदर्शक हैं और प्रतिवर्ष संगठन को दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं।

33 प्रांतों में सक्रिय संगठन

वृषाली जोशी के अनुसार, वर्तमान में विश्व मांगल्य सभा का कार्य देश के 33 प्रांतों में संचालित हो रहा है। संगठन से 3,500 दायित्वधारी कार्यकर्ता और लगभग 6 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। हाल ही में दिल्ली सहित 23 प्रांतों में महिला अधिवेशन आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 35 हजार महिलाओं ने भाग लिया। इन संवादों के आधार पर संगठन ने आगामी वर्षों के लिए “युगानुकूल मातृत्व (Contemporary Motherhood)” विषय पर व्यापक सामाजिक अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

पहली बार मातृत्व विषय पर सरसंघचालक का विशेष व्याख्यान

उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार डॉ. मोहन भागवत देश की प्रबुद्ध महिलाओं के समक्ष विशेष रूप से मातृत्व विषय पर व्याख्यान एवं संवाद करेंगे। एक कार्यक्रम नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में तथा दूसरा हैदराबाद के सेवालाल बंजारा भवन में आयोजित किया जाएगा।

उत्तर भारत से 280 प्रतिनिधि महिलाएं होंगी शामिल

नई दिल्ली के विश्व युवक केंद्र, चाणक्यपुरी में आयोजित होने वाली बैठक में उत्तर भारत के 19 राज्यों एवं क्षेत्रों से लगभग 280 प्रतिनिधि महिलाएं भाग लेंगी। इनमें जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, लेह-लद्दाख, पश्चिम बंगाल, अवध, मालवा, महाकौशल, गुजरात, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि शामिल होंगी।

24 जुलाई को अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में होगा विशेष संवाद

24 जुलाई को सुबह विश्व युवक केंद्र में कार्यकर्ता बैठक एवं प्रबोधन सत्र आयोजित होगा। इसके बाद शाम 5 बजे डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, जनपथ में देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हाई-टी के साथ प्रारंभ होने वाला यह कार्यक्रम लगभग दो से ढाई घंटे तक चलेगा।

संगठन के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है। संघ के इतिहास में पहली बार कोई सरसंघचालक देश की प्रबुद्ध महिलाओं के साथ ‘मातृत्व विमर्श’ विषय पर विस्तृत संवाद करेगा। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया जाएगा।

700 से अधिक महिलाओं के शामिल होने की संभावना

दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में 700 से 800 महिलाओं के शामिल होने का अनुमान है, जबकि हैदराबाद में होने वाले कार्यक्रम में लगभग 1,300 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

मीडिया के लिए विशेष व्यवस्था

विश्व मांगल्य सभा ने मीडिया प्रतिनिधियों को 24 जुलाई को आयोजित विशेष कार्यक्रम के कवरेज के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही, 24 जुलाई सुबह 9:30 बजे विश्व युवक केंद्र में डॉ. मोहन भागवत के समापन सत्र की शुरुआत में मीडिया को फोटो-ऑप का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक के समापन के बाद संगठन वर्षभर की कार्ययोजना और प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी मीडिया के साथ साझा करेगा।

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