गुरुग्राम, 7 अप्रैल 2026: हरियाणा के Gurugram में अवैध कब्जों और भूमि माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन को मुक्त कराया। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर सेक्टर-53 और वजीराबाद इलाके में की गई अवैध कब्जेदारी को भारी मशीनरी की मदद से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन को उसके मूल स्वरूप में बहाल कर दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध कब्जे के पीछे अपराधी वीरेंद्र उर्फ लीलू और तरुण उर्फ मोनू उर्फ नंबरदार, दोनों निवासी वजीराबाद, शामिल थे। पुलिस के अनुसार इन दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ हिंसक अपराध, शराब तस्करी तथा रंगदारी जैसे गंभीर मामलों के कई केस दर्ज हैं। ये पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने सरकारी जमीन पर अवैध टीन शेड लगाकर झुग्गी बस्तियां बसाईं और कमजोर वर्ग के लोगों से अवैध रूप से किराया वसूलते थे। इतना ही नहीं, इन स्थानों का इस्तेमाल संगठित अपराध गतिविधियों को संचालित करने और विस्तार देने के लिए किया जा रहा था।
यह संयुक्त कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस की क्राइम यूनिट सेक्टर-31 और सेक्टर-40 की टीमों ने Haryana Shahari Vikas Pradhikaran (HSVP) और जिला टाउन प्लानिंग (DTP) विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर की। पुलिस की कड़ी निगरानी में सभी अवैध संरचनाओं को हटाया गया और जमीन को पूरी तरह खाली कराया गया। पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि Gurugram में सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को शोषण से बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे खुफिया-आधारित अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि शहर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

