नई दिल्ली: देश में LPG सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। अधिकारियों के अनुसार, LPG डिस्ट्रीब्यूशन में किसी प्रकार का ड्राइआउट नहीं है, पैनिक बुकिंग में कमी आई है और डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
कमर्शियल LPG की उपलब्धता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। 21 तारीख को पहले 20 प्रतिशत अतिरिक्त एलोकेशन की घोषणा की गई, जिसके बाद “Ease of Doing Business” के आधार पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त गैस देने का प्रावधान किया गया। ताजा फैसलों के तहत अब कमर्शियल LPG का करीब 50 प्रतिशत वॉल्यूम राज्य और केंद्र सरकारों के नियंत्रण में रहेगा।
ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग पर रोक लगाने के लिए राज्यों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। लगभग 32 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां बनाई गई हैं। सख्त कार्रवाई के तहत 50 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं और 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, 234 LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से कुछ को निलंबित किया गया है और कई पर जुर्माना लगाया गया है।
इधर, समुद्री क्षेत्र में भी सरकार पूरी तरह सतर्क है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग द्वारा 24×7 निगरानी रखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में 13 और पिछले दो दिनों में 34 भारतीय नाविकों की वतन वापसी कराई गई है। कम्युनिकेशन सेंटर को 24 घंटे में 60 कॉल और 129 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समाधान किया गया। देश के प्रमुख तटीय राज्यों—गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, आंध्र प्रदेश और केरल—से किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली है।
मध्य-पूर्व से भारतीय नागरिकों की वापसी भी तेज की गई है। बहरीन की Gulf Air द्वारा सऊदी अरब से भारत के लिए विशेष उड़ानें चलाई जा रही हैं, जिससे कुवैत और बहरीन से भारतीयों की वापसी संभव हो रही है। ईरान में भारतीय मिशनों की मदद से नागरिकों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते निकाला जा रहा है। अब तक 1,031 भारतीयों—जिनमें 707 छात्र शामिल हैं—को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
सरकार का कहना है कि देश के भीतर सप्लाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।