जैन संत श्री जिन रत्न विजय महाराज ने शुक्रवार 22 जनवरी को देर रात 100 फीट ऊंचे जलाशय की टंकी में कूदकर संसारिक जीवन समाप्त कर लिया। ऐस करने के कारणों का अभी तक खुलासा नही हो पाया है। घटना से सकल जैन समाज में शोक की लहर छा गई।
मिली जानकारी के अनुसार लॉक डाउन के बाद से ही, महाराज भांडवपुर जैन मंदिर जालोर, राजस्थान में ठहरे हुए थे और शनिवार को उनका शव मंदिर में स्थित पेयजल टंकी में मिला। समभवता वे देर रात को संसारिक जीवन समाप्त करने की नियत से, पानी की टंकी पर गए होंगे और इसके बाद टंकी में कूदकर जीवन समाप्त कर लिया।
शनिवार सुबह इस बारे मेंं जानकारी मिलने पर जालाेर डीएसपी हिम्मतसिंह चारण समेत सायला थाना पुलिस के अधिकारियाें ने मौके पर पहुंचकर माैका-मुआयना किया। बाद में ग्रामीणाें के सहयाेग से टंकी से उनकी पार्थिक देह को निकाला गया।
घटना काे लेकर संशय हाेने पर उनके शव का पोस्टमार्टम मेडिकल टीम से कराया गया। शव को मंदिर कमेटी को सुपुर्द किया। उनके बाद जैन समाज के लोगों की मौजूदगी में बैकुंठी निकालकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस का कहना है कि मृतक जैन संत मूलत: सायला के चौराऊ निवासी थे।
मुनि जिनरत्न विजय महाराज सायला के चौराऊ निवासी थे और 11 वर्ष पूर्व 2010 में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ दीक्षा ग्रहण कर ली थी और लॉकडाउन में विहार करते हुए भांडव पुर तीर्थ में पहुंचे और तब से यही पर ठहरे हुए थे।

