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अच्छे लोगों की संगति हमारा जीवन तय करती है : उपाध्याय श्री विरंजन सागर

जिला जेल में कैदियों को जीवन सुधारने किया प्रेरित, शराब और अपराध छोड़ने का कैदियों से लिया संकल्प

छतरपुर । सोमवार को छतरपुर जिला जेल में आचार्य विराग सागर जी के प्रिय शिष्य जनसंत उपाध्याय श्री विरंजन सागर जी महाराज ससंघ पहुंचकर कैदियों के जीवन सुधारने का गुरु मंत्र दिया। मुनि श्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से बताया कि किस तरह आप अपने जीवन में सुधार कर अपने परिवार और समाज के लिए एक मिसाल बन सकते हैं। मुनि श्री ने जिला जेल अधीक्षक के के कुलश्रेष्ठ और उप जेल अधीक्षक रमाशंकर पांडे के अनुरोध पर जेल में प्रवचन दिए। 350 से अधिक कैदियों के समक्ष महाराज श्री ने अपने जीवन सुधारने का संकल्प कैदियों से लिया ।

मां बाप का अभिमान करें संगति सुधारें
मुनि श्री ने कहा कि कोई भी इंसान बुरा नहीं होता बुरा उसे उसकी संगति बना देती है। हम गलत संगति की राह पकड़ कर अल्पायु में पाप करने लगते है। हमें अपने पापों से दूर रहना है ना कि पापी से दूर रहना है। जेलर और संत का उद्देश होता है कि उसका बच्चा सुधर जाए यह नारियल की तरह कठोर होते हैं मुनि श्री के पास तो हाथ में कमंडल है जेलर के पास हाथ में बंदूक दनादन करती है वह संत की वाणी अच्छे विचार देती है। आपकी मां बहन और पिता और भाई आपकी जेल जाने से कितने हताश होते हैं सोचिए आप से जुड़ी जिंदगी बेकार हो जाती हैं। इसलिए अपराध को छोड़कर पश्चाताप करें और अपने परिवार और अपनी जिंदगी को सुधारें पापियों से घृणा नहीं पाप से घृणा होनी चाहिए। संत ट्राफिक मैन है जो यातायात का सुगमता करता है। हमें वसीयत नहीं हमें आपको सिर्फ नसीहत देना है। नशा छोड़ें नशा से घर उजड़ जाते हैं।

मुनि श्री बोले : हमारी जेब नही हम नही लेते दान
मुनि ने कैदियों से कहा कि दिगंबर संत कोई दान नहीं लेते इनके पास कोई जेब नहीं होती अगर आपको देना है तो आप संगति के मार्ग पर चलें यही हमारी गुरूदक्षिणा होगी। जीवन में अपराध कई बार बिना सूचना के हो जाते हैं जिसका कारण शराब और मद्यपान बनता है। हमें शराब से दूर रहना चाहिए और शराब छोड़ने के लिए आप सभी को संकल्प लेना चाहिए।

कैदियों ने मांसाहार और शराब छोड़ने का लिया संकल्प :
जिला जेल में मुनि श्री ने प्रवचन के बाद कैदियों से कहा कि आप अगर कुछ गुरु दक्षिणा में देना चाहे तो आप आप शराब और मांसाहार का त्याग कर दीजिए और जीवन में हमेशा भलाई के काम करके अपराध से दूर रहने का वचन दीजिए। मुनि श्री ने दोनों हाथ उठाने के लिए कहा तब उपस्थित अधिकांश कैदियों ने अपने दोनों हाथ उठाकर मुनि श्री का संकल्प लिया।

जिला जेल में जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष जय कुमार जैन , उपाध्यक्ष रितेश जैन , अजय फट्टा , सहमंत्री अजीत जैन, मुकेश जैन स्टेनो, सनत जैन , अरविंद जैन , अतुल जैन पत्रकार, आर के जैन डेरा पहाड़ी मंत्री , के सी जैन खजुराहो अध्यक्ष , निर्मल कुमार जैन ,सुनील जैन कूपी ,विमल जैन जतारा ,राजेश बड़कुल , छोटू नेता ,अंशुल जैन ,हैप्पी जैन , नरेंद्र जैन ,मनीष जैन ,मुकेश देवडिया ,मनोज बजना ,इत्यादि उपस्थित रहे ।

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