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दिल्ली सरकार श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के शहीदी दिवस पर करेगी ऐतिहासिक आयोजन — स्मारक का पुनर्निर्माण, डेली लाइट एंड साउंड शो और शिक्षा व सांस्कृतिक कार्यक्रम की होगी शुरुआत

नई दिल्ली, 26 जून 2025: दिल्ली सरकार, माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, गुरु तेग़ बहादुर जी के शहीदी दिवस पर इस वर्ष नवंबर में ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है।

इस विषय पर एक विशेष बैठक की गई, जिसकी अध्यक्षता कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने की। बैठक में दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित समाज के वरिष्ठ और सम्मानित सदस्यों को आमंत्रित किया गया था।
बैठक में शामिल लोगों में हरमीत सिंह कालरा (प्रजिडेंट, डीएसजीएमसी), चरन सिंह (रिटायर्ड आईएएस और पूर्व चेयरमैन, पंजाब एंड सिंध बैंक), मंज़ीव सिंह पुरी (रिटायर्ड आईएफएस और पूर्व राजदूत), तरलोचन सिंह (पूर्व सांसद) और कई अन्य सम्मानित लोग शामिल थे।

इस दौरान लोगों ने गुरु तेग़ बहादुर जी के बलिदान को दुनिया के लिए एक मिसाल बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों की सराहना की, जिनकी वजह से गुरु साहिब का संदेश राष्ट्रीय मंच पर पहुंचा है।

मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मंत्री श्री सिरसा जी के साथ श्री गुरु तेग़ बहादुर स्मारक, सिंघु बॉर्डर का दौरा किया और वहां की बदहाल स्थिति ने उन्हे काफी प्रभावित किया।

“हमने जब स्मारक देखा तो लाइटें तक खराब थीं — जो पहले की सरकारों की उपेक्षा के कारण हुआ था। अब हम इसे पूरी तरह से रेनोवेट कर रहे हैं, साथ ही रोज लाइट एंड साउंड शो, अध्ययन केंद्र और शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे दिल्ली के बच्चे गुरु साहिब के जीवन को पढ़ और समझ सकेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा “गुरु तेग़ बहादुर जी का बलिदान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है — यह पूरी मानवता के लिए एक संदेश है, आस्था की आज़ादी का संदेश।”

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली की पंजाबी संस्कृति और विरासत से गहरे संबंध पर बात की।
“हम दिल्ली की पहचान को उसके सिख-पंजाबी मूल से दोबारा जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करूंगा कि स्कूलों और कॉलेजों में गुरु साहिब के जीवन और बलिदान पर आधारित शिक्षा कार्यक्रम शुरू हों।”

उन्होंने आगे कहा: “गुरु तेग़ बहादुर जी का नाम न सिर्फ दिल्ली के इतिहास में, बल्कि इस शहर के संस्कृति और विरासत का अहम हिस्सा है। उनका बलिदान दुनिया में आज़ादी की भावना का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारा कर्तव्य है कि हर बच्चा उनके बारे में जाने, उनके बलिदान को महसूस करे और उनके विचारों को आगे बढ़ाए।”

मीटिंग के दौरान द्वारा दिए गए सुझाव:
बैठक के दौरान समाज के विद्वानों, युवाओं और अन्य प्रतिनिधियों ने कई उपयोगी सुझाव दिए, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  • एक स्थायी स्मारक केंद्र की स्थापना, जिसमें शोध, प्रदर्शनी और अध्ययन की सुविधा हो
  • स्कूलों और कॉलेजों के लिए विशेष शिक्षा कार्यक्रम जिसमें गुरु साहिब के जीवन और संदेश को पढ़ाया जाए
  • अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन जिसमें शहादत, धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों पर चर्चा हो
  • दिल्ली का पहला पंजाबी साहित्य और सांस्कृतिक महोत्सव, जो दिल्ली की सांस्कृतिक जड़ों को पुनर्जीवित करेगा
  • ऐतिहासिक स्थलों जैसे रकाबगंज साहिब और लखी शाह वंजारा जी की कथा को जनमानस तक पहुंचाने के प्रयास
    सरकार ने आश्वासन दिया है कि विभिन्न विभाग, संस्थान और विशेषज्ञ मिलकर इस योजना को अंतिम रूप देंगे। प्रस्तावित सुझावों पर काम शुरू हो चुका है और लाइट एंड साउंड शो नवंबर 2025 से शुरू होने की योजना में है।

आगामी हफ्तों में और बैठकों के माध्यम से रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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