जयपुर, 07 फरवरी 2026: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील ने केंद्रीय बजट 2026–27 को सर्वांगीण विकास का बजट बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। मंत्री पाटील भाजपा प्रदेश कार्यालय, जयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। मंत्री पाटील ने कहा कि यह देश के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला वित्त मंत्री ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। साथ ही, यह भी पहली बार है जब किसी एक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वित्त मंत्री ने लगातार नौ बजट पेश किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण भारत बीते 12 वर्षों में एक सशक्त अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और आज वैश्विक पटल पर सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर चुका है।
राजस्थान के संदर्भ में मंत्री पाटील ने कहा कि आने वाले समय में राज्य में पानी की कोई किल्लत नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे जल समस्या के समाधान को लेकर अत्यंत सजग हैं और दिल्ली प्रवास के दौरान रामजल सेतु परियोजना, ईआरसीपी एवं यमुना जल समझौते जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से उठाते हैं।
मंत्री पाटील ने यमुना जल समझौते पर कहा कि लंबे समय से यमुना के जल पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकार के दौरान इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से यह ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। उन्होंने बताया कि अब डीपीआर पर भी सहमति बन चुकी है और यमुना का सरप्लस पानी राजस्थान को मिल सकेगा, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (रामजल सेतु लिंक परियोजना) पर जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच एमओयू हो चुका है तथा डीपीआर मंत्रालय को प्राप्त हो गई है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना पर लगभग 77 हजार करोड़ से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश प्रस्तावित है और शीघ्र ही इसका कार्य प्रारंभ होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अमृत सरोवर योजना और जल जीवन मिशन ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जल जीवन मिशन के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है तथा इस योजना को 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग 9 करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है और 2868 प्रयोगशालाओं के माध्यम से नियमित जांच की जा रही है। मंत्री पाटील ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब भी दिल्ली जाते हैं, राजस्थान के लिए कुछ न कुछ उपलब्धि लेकर आते हैं, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का भी पूरा सहयोग रहता है।
मंत्री पाटील ने कहा कि यह बजट किसी एक वर्ग या संस्था के लिए नहीं, बल्कि देश के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। युवा, महिला, किसान, गरीब और वंचित—हर वर्ग के कल्याण को इसमें प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले से निरंतर सुधारों की बात कही थी और मात्र छह महीनों में विभिन्न योजनाओं में 350 से अधिक सुधार लागू किए गए, जिनमें जीएसटी रिफॉर्म जैसे अहम कदम शामिल हैं। बजट से पूर्व विकसित भारत यंग लीडर संवाद के माध्यम से युवाओं से संवाद कर उनके सुझावों को भी बजट में स्थान देने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि बजट में प्रधानमंत्री के तीन प्रमुख कर्तव्यों—आर्थिक विकास को गति देना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना तथा क्षमता निर्माण व “सबका साथ, सबका विकास” की नीति—को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
मंत्री पाटील ने कहा कि देश की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय बजट में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। भारत आज रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते हुए हथियारों के निर्यातक देश की भूमिका में पहुंच चुका है। बजट में औद्योगिक विकास, केमिकल पार्क, कपड़ा उद्योग, एमएसएमई सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजीगत निवेश में वृद्धि, ऊर्जा क्षेत्र के लिए आगामी पांच वर्षों की योजना तथा सात विशेष रेल कॉरिडोर जैसे प्रावधानों से रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही नवाचार, स्टार्ट-अप, डिजिटल इंडिया, हरित ऊर्जा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
किसानों के हित में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को बड़ी सौगात बताते हुए उन्होंने कहा कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 550 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे जल संरक्षण और जल के समुचित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

