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दाल-चीनी (Daalchini or Cinnamon) का बहु आयामी उपयोग

दालचीनी में उड़नशील तेल 2% ,सिनेमिक एसिड, राल, टैनिन, स्टार्च होते हैं छाल में भी तेल होता हैं। दालचीनी का उपयोग भारतीय घरों में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके कई ऐसे फायदे भी हैं जो आपको दमकती त्वचा और निखार दे सकता है।

दालचीनी पिंपल्स और ऐक्ने दूर करने में मदद करती है। शहद के साथ दालचीनी पाउडर मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। करीब 25 मिनट बाद इसे पानी से धो लें। इससे आपके चेहरे पर ऐक्सेस ऑइल की समस्या तो दूर होगी ही, साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी सुधरेगा।

दालचीनी को केले, दही के साथ लगाने पर त्वचा की रंगत में सुधार आता है। इस मिश्रण को स्क्रब के रूप में इस्तेमाल करने पर डेड स्किन हटती है, जिससे त्वचा मुलायम हो जाती है।

दालचीनी लगाने से त्वचा का कोलेजन लेवल बढ़ता है। कोलेजन यदि कम हो तो स्किन पर झुर्रियां आने लगती हैं। ऐसे में दालचीनी झुर्रियों से छुटकारा पाने में मदद कर सकती है।

दालचीनी का पाउडर एक बेहतरीन एक्सफोलिएट होता है, इससे स्किन की गहरी सफाई होती है। रोजाना इस्तेमाल से त्वचा की चमक बढ़ती है, स्किन प्रॉब्लम दूर हो जाती है।

दालचीनी के इस्तेमाल का एक और बड़ा फायदा यह है कि इससे त्वचा के रंग में बदलाव आता है। ऐसा दालचीनी में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी-फंगल प्रॉपर्टीज के कारण होता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर कर उसे हेल्दी बनाते हैं।
दालचीनी के तेल का इस्तेमाल स्किन को हेल्दी बनाता है। स्किन ऐलर्जी को दूर करने में मदद मिलती है, साथ ही मसाज से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, इससे स्किन पर ग्लो आता है।

इसके अलावा यह मुख शोधन ,मुखदुर्गन्धनाशक एवं डेंटन को मजबूत करता हैं।नाड़ी और शिर दर्द लाभकारी। यह पैरालिसिस में भी लाभकारी होता हैं। टी बी में इसका तेल खिलाते हैं।

इसका मुख्य दवाई – सितोपलादि चूर्ण। एक ग्राम से दो ग्राम चासनी से दिन में तीन बार।

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