इस साल की शुरुआत से भारत और चीन के बीच एलएसी यानि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी है तनाव। मंगलवार को लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शुरुआत से दोनों देशों के मध्य तनाव के बीच सरहद पर चीन के उकसाने वाले कदमों को लेकर दे सकते हैं बयान। सोमवार से हीसंसद का मॉनसून सत्र कोरोना की महामारी के बीच प्रारंभ हुआ है। आपको बता दे की यह तनाव थम नहीं रहे और अब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर टकराव के दौरान हवा में गोलियां चलाने का आरोप लगाया था।
भारतीय थल सेना का कहना है कि सात सितंबर की शाम चीनी सेना ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के पास भारतीय मोर्चे के नजदीक आने की कोशिश की और हवा में गोलियां भी चलाईं है। इसके अतिरिक्त पी एल ए द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि भारतीय सैनिकों की और से एल ए सी पार की गयी और पैंगोंग झील के पास वॉर्निंग फायर किए गए।
आपको बता दे की 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में संघर्ष के दौरान 20 भारतीय सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद एलएसी पर तनाव काफी बढ़ गया था। खबर यह भी थी की चीनी जवान भी घायल हुए थे लेकिन चीन ने उनका ब्योरा नहीं दिया था। अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन के भी 35 जवान मारे गये थे। उस बीच अब सभी को रक्षा मंत्री के बयान का इंतज़ार है।

