दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार द्वारा 1 अगस्त, 2025 से शुरु हुए सफाई स्वच्छता अभियान की विफलता के कारण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस अभियान को नया नाम देकर आगे बढ़ाती जा रही है। अब सेवा पखवाड़े के तहत स्वच्छता अभियान अब 2 अक्टूबर तक बढ़ाया गया है। भाजपा स्वच्छता अभियान अगर संवेदनशीलता से चलाया जाता तो 2 महीनां में दिल्ली एक नया रुप ले लेती, परंतु दिल्ली की मुख्यमंत्री और मंत्रीगण लाब लश्कर के साथ सिर्फ साफ सुथरी जगहां पर सफाई अभियान चलाकर सिर्फ फोटो खिचवा कर स्वच्छता को जीवन की संस्कृति का नाम देकर कूड़े के ढ़ेर पर खड़ी दिल्ली की बदहाली को छिपाने की कोशिश कर रही हैं।
दिल्ली में सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए भाजपा दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि जहां 80 हजार स्थाई सफाई कर्मचारियों की जरुरत है, सिर्फ 30 हजार स्थाई सफाई कर्मचारियों और 30-45 हजार अस्थायी और अनुबंधित कर्मचारियों के साथ दिल्ली को स्वच्छ बनाने का दम भर रही है।
यादव ने कहा कि विशेष स्वच्छता अभियान को अंजाम देने की बात करने से मुख्यमंत्री और दिल्ली के मेयर इकबाल सिंह दिल्ली में सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त नियमित भर्ती करने पर ध्यान देना चाहिए। क्या 16,226 करोड़ के कर्ज तले दबा दिल्ली नगर निगम दिल्ली को स्वच्छ बनाने में कामयाब हो सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम कूड़ा प्रबंधन कम्पनियों को 90 करोड़ रुपये की जगह सिर्फ 70 करोड़ देकर सम्पूर्ण कूड़ा प्रबंधन का दम भर रहे है। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से शुरु हुआ स्वच्छता अभियान कोई नया नही है एक मई से 20 दिन का स्वच्छता अभियान भी चलाया गया था जिसका परिणाम जल भराव और डूबती दिल्ली के रुप में करोड़ों दिल्लीवासियों ने देखा। मोदी जी के जन्मदिन पर सांकेतिक सेवा पखवाड़ा के तहत विशेष स्वच्छता अभियान सफाई के नाम पर सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए चलाया जा रहा है वास्तविकता में नही हो रही है।