मुंबई, 28 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र में नागरिक सेवाओं को अधिक तेज़, सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में AI आधारित सिस्टम के जरिए नागरिकों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वे सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित द्वितीय सेवा अधिकार दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन सामान्य प्रशासन विभाग और महाराष्ट्र राज्य सेवा अधिकार आयोग द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य आयुक्त मनु कुमार श्रीवास्तव ने की।
AI और डिजिटल इंटीग्रेशन पर फोकस
मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय को मजबूत कर रही है, ताकि एक बार दर्ज जानकारी स्वतः अन्य विभागों तक पहुंच सके। इससे रिपोर्ट तैयार करने और सेवाएं देने में लगने वाला समय कम होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार अब पारंपरिक एजेंट प्रणाली से आगे बढ़कर AI आधारित मॉडल अपनाने की दिशा में काम कर रही है। डिजिलॉकर और “गोल्डन डेटा” के माध्यम से नागरिकों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी, जिससे योजनाएं और सेवाएं स्वतः उपलब्ध हो सकेंगी।
वॉइस-आधारित AI एजेंट की तैयारी
राजेश अग्रवाल ने संकेत दिया कि भविष्य में नागरिकों को अलग-अलग ऐप्स की जरूरत नहीं होगी। AI एजेंट उनकी आवाज़ के आधार पर जरूरत पहचानकर पूरी प्रक्रिया खुद पूरी करेंगे और परिणाम देंगे। इस दिशा में सरकार निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
नवाचारों को पूरे राज्य में लागू करने पर ज़ोर
मुख्य आयुक्त मनु कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किसी एक जिले में सफल मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है। इसके लिए नवाचारों का डॉक्यूमेंटेशन और संस्थागत रूप देना जरूरी है, ताकि अन्य जिलों में भी उन्हें प्रभावी तरीके से अपनाया जा सके।
इन जिलों ने मारी बाज़ी
सेवा गुणवत्ता के आधार पर जिलों को सम्मानित किया गया:
- छत्रपति संभाजीनगर – 91.41% सेवाएं समय पर
- हिंगोली – 90.60%
- अहिल्यानगर – 90.50%
- बीड – 90.13%
इन जिलों ने नागरिक सेवाओं में सुधार और नवाचार लागू कर बेहतर प्रदर्शन किया।
नवाचार करने वाले अधिकारी सम्मानित
कार्यक्रम में कई अधिकारियों को उनके नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें डिजिटल ई-लॉक, GIS आधारित ई-मापन, AI नक्शा प्रणाली, व्हाट्सऐप चैटबॉट और नागरिक सुविधा केंद्र जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

