नई दिल्ली, 13मई, 2026 : Indian Youth Congress और National Students’ Union of India ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के गठन और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही National Testing Agency को प्रतिबंधित कर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से परीक्षाएं कराने की मांग उठाई गई है।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष Uday Bhanu Chib और NSUI अध्यक्ष Vinod Jakhar ने कहा कि पेपर लीक देश के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग पूरे पेपर लीक नेटवर्क को चला रहे हैं और पैसों के लिए छात्रों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।
उदय भानु चिब ने कहा कि लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनका शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा टूट जाता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हुए और 48 परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि 2017 में NTA के गठन के बाद से पेपर लीक की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।
चिब ने सवाल उठाया कि NTA का ऑडिट कौन करता है और निजी एजेंसियों को परीक्षा कराने का अधिकार किस आधार पर दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में गरीब छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और केवल पैसे वालों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि 2024 में जिन NTA महानिदेशक के कार्यकाल में NEET पेपर लीक हुआ था, उन्हें बाद में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बना दिया गया। चिब ने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट होता है कि पेपर लीक नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
वहीं विनोद जाखड़ ने कहा कि हर पेपर लीक के बाद केवल माफी मांगना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को मानसिक तनाव, भारी कोचिंग फीस और शैक्षणिक नुकसान का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार जिम्मेदारी तय नहीं करती।
जाखड़ ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि NEET 2026 पेपर लीक का मुख्य केंद्र राजस्थान रहा और इसमें राजनीतिक संरक्षण की भूमिका रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कोचिंग संस्थान भाजपा नेताओं से जुड़े हैं और प्रशासन दबाव में काम कर रहा है।
दोनों नेताओं ने मांग की कि पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों को मुआवजा दिया जाए, दोषियों को सख्त सजा मिले और कोचिंग माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस और NSUI देशभर में छात्रों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेंगे।

