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दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म, दिल्ली विश्वविद्यालय में टाइम मैनेजमेंट पर लेक्चर का आयोजन

नई दिल्ली: दिल्ली स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म में “लाइफ स्किल्स: प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए समय प्रबंधन का महत्व” पर व्याख्यान के साथ साप्ताहिक लेक्चर सीरीज़ की उत्साहिक शुरुवात की गई। मौके पर प्रमुख वक्ता के तौर पर श्री सुभाष सी. सूद को आमंत्रित किए गए थे ।

श्री सूद को पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने एनटीपीसी, एनएचपीसी और इंडियन ऑयल जैसी बड़े संगठनों के साथ काम किया है, और मीडिया संबंधों और पर्सनल ब्रांड-बिल्डिंग जैसे विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं। उन्हें PRSI लीडरशिप अवार्ड्स और PRSI नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

लेक्चर के दौरान श्री सूद, ने समय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया, खाश कर से मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में, जहां हर काम एक निश्चित समय सीमा के अंदर करने की जरूरत होती है। उन्होंने ने ये भी कहा कि ” समय हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा है। सफलता पाने के लिए समय का सही उपयोग करना बेहद ज़रूरी है।”
सेलफोन आज समय के बरबादी का सबसे बड़ा कारण है इसी के साथ उन्होंने मल्टीटास्किंग से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “काम को तय समय में पूरा करें, बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है। जरूरत पड़ने पर विनम्रता से ‘ना’ कहना भी सीखें।”
अपने निष्कर्ष में, श्री सूद ने वर्तमान में रहने और समय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया, कहा, “अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहें, लेकिन समय का ट्रैक न खोएं।”

कार्यक्रम में मौजूद डॉ. संजय वर्मा, ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी, दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म ने भी अपना लेक्चर दिया। संबोधन में उन्होंने ऐसे लेक्चर सीरीज़ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि इस तरह के लेक्चर सीरीज़ छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद हैं क्योंकि ये उनकी पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्किल्स और सोच को भी मजबूत बनाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. संजय वर्मा ने श्री सूद को दिल्ली विश्वविद्यालय पताका से सम्मानित किया, और डॉ. विकास सिंह, सहायक प्रोफेसर, डीएसजे ने धन्यवाद दिया। देखा गया कि इस लेक्चर में अध्यापकों और छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कई छात्रों ने समय प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम एक ग्रुप फोटो सत्र के साथ समाप्त हुआ, जिससे दर्शकों पर प्रभावी टाइम मैनेजमेंट के महत्व की एक स्थायी छाप छोड़ी गई।

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