Posted in

लॉकडाउन का यह एक वर्ष भारतीय रेल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा- पीयूष गोयल

रेल, वाणिज्य एवं उद्योग एवं उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भविष्य में भारतीय रेल की सफलता ही देश की सफलता को परिभाषित करेगी। उन्होंने यहां रेलवे बोर्ड के सदस्यों, जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों और रेल प्रखंडों के प्रखंडीय प्रबंधकों के साथ एक समीक्षा बैठक में यह टिप्पणी की।

केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा,“यह वर्ष भारतीय रेल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष रहा। एक साल का लॉकडाउन हुआ। कोविड-19 ने भारतीय रेल के ‘संघर्ष करो और मजबूत होकर उभरो’ संकल्प को प्रदर्शित किया। रेलवे की मानसिकता में बदलाव आ गया है। अब रेलवे के लिए यह सामान्य काम नहीं रहा है। नई प्रौद्योगिकी और नवाचारों ने नए मानक और मानदंड तय कर दिए हैं।”

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समय रेलवे की नियति और भविष्य की रूपरेखा के पुनर्लेखन का है। वह रेलवे जो टिकाऊ, आधुनिक, यात्री अनुकूल, समय की पाबंद, सुरक्षित और व्यवसायियों की पहली पसंद बने।

उन्होंने कहा कि 1223 मीट्रिक टन की उच्चतम माल ढुलाई क्षमता देश के लिए एक सकारात्मक संदेश है। इस वर्ष 5900 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया। यह भारतीय रेल द्वारा विद्युतीकरण के क्षेत्र में अब तक हासिल सर्वोच्च आंकड़ा है।

पीयूष गोयल ने महामारी के दौरान उच्चतम माल ढुलाई क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की और कहा कि यह अतुलनीय प्रयास थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सुरक्षा उपायों को अपनाया जाए और इस संदर्भ में उन्होंने रेल अधिकारियों को अति सक्रियता के साथ काम करने का निर्देश दिया।

यह देखने वाली बात है कि भारतीय रेल ने माल की ढुलाई, आमदनी और गति के मामले में मार्च 2021 में माल ढुलाई के आंकड़ों में पर्याप्त उछाल दर्ज किया। ऐसा अनुमान है कि यह आंकड़ा पिछले साल के कुल माल ढुलाई आंकड़े को पार कर जाएगा। माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व मार्च 2020-21 में बढ़कर 114652.47 करोड़ रुपए हो गया, जोकि पिछले वर्ष 112358.83 करोड़ रुपए था। यह +2 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *