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पंजाब में कानून-व्यवस्था पर भाजपा का हमला, आरपी सिंह बोले- “रंगला पंजाब या खौफजदा पंजाब?”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मियों को ही अकेले यात्रा न करने, सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी न पहनने और दोपहिया वाहनों से बचने की सलाह दी जा रही है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा?

आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब पुलिस के जवानों को यदि अपनी सुरक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने और वर्दी छिपाने जैसी सावधानियां बरतनी पड़ रही हैं, तो यह राज्य में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, अगर वे खुद लक्षित हमलों से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यह पूरी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब में गैंग हिंसा, आतंक से जुड़े खतरों और दिनदहाड़े हत्याओं की घटनाओं ने भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। उन्होंने एएसआई जोगा सिंह की हत्या को केवल एक पुलिस अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र के आत्मविश्वास और मनोबल पर हमला बताया।

आरपी सिंह ने गुरदासपुर के दोरांगला बॉर्डर आउटपोस्ट पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की हत्या का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना ने राज्य में गहराते सुरक्षा संकट और कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर किया है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार “बदलाव” के वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन पंजाब को अनिश्चितता, असुरक्षा और डर के माहौल की ओर धकेल दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब पुलिसकर्मी ही अकेले सफर करने से बच रहे हैं और सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी पहनने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो दुकानदार, किसान, छात्र, व्यापारी और रोजाना यात्रा करने वाला आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा?

आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब को निर्णायक शासन, गैंगस्टरों और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति तथा सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ी सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस बल की सुरक्षा सीधे तौर पर हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ी है। यदि पुलिस भय के वातावरण में काम करेगी, तो पंजाब में आम जनता का विश्वास भी कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि “डरी हुई पुलिस का मतलब डरा हुआ पंजाब” है।

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