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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- 12 वर्षों में भारत कमी से आत्मनिर्भरता और अब विकसित भारत की ओर बढ़ा

नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026 : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने कमी (Shortages) से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास और अब विकसित भारत (Viksit Bharat) की दिशा में उल्लेखनीय यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के पहले कार्यकाल में बुनियादी कमियों को दूर किया गया, दूसरे कार्यकाल में आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदला गया और तीसरे कार्यकाल में “Reform, Perform, Transform” के मंत्र के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा रही है।

नई दिल्ली में एक मीडिया संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 में शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान पर शुरुआत में सवाल उठाए गए थे, लेकिन आज यही पहल भारत की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति का प्रमुख आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में बड़ा बदलाव आया है और अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दुनिया भारत के विचारों को गंभीरता से सुनती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में शुरू किए गए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर भी संदेह जताए गए थे, लेकिन आज देश में ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल पर विकसित सेमीकंडक्टर पार्कों की बदौलत भारत अपने सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन कर रहा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो वर्ष 2014-15 की तुलना में लगभग तीन गुना है। वहीं रक्षा निर्यात बढ़कर 38,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि 2013-14 में यह केवल 686 करोड़ रुपये था। उनके अनुसार यह ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादों पर दुनिया के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है।

रक्षा मंत्री ने मोबाइल निर्माण, ऑटोमोबाइल निर्यात, स्वदेशी लोकोमोटिव उत्पादन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में यूपीआई के माध्यम से 22.35 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 29 लाख करोड़ रुपये रहा। उन्होंने बताया कि भारत की स्वदेशी 5जी तकनीक का तेजी से विस्तार हो रहा है और अब 6जी तकनीक के विकास पर भी काम चल रहा है।

कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जनधन, आधार और मोबाइल (JAM Trinity) के माध्यम से अब तक 51 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं, जबकि करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय लीकेज को रोका गया है। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (GST) को भी सहकारी संघवाद का सफल उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाना और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान सरकार के उन साहसिक निर्णयों में शामिल हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों को रोजगार सृजक और संपत्ति निर्माता मानती है तथा जन विश्वास सुधारों जैसी पहल से कारोबार करने में आसानी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जहां स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर दो लाख से अधिक और यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या चार से बढ़कर 125 हो गई है।

भारतीय संस्कृति और विरासत पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी समान रूप से काम कर रही है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, मां कामाख्या दिव्य लोक परियोजना, संसद में सेंगोल की स्थापना, प्राचीन धरोहरों की वापसी और प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण जैसी पहलों का उल्लेख किया।

मीडिया की भूमिका पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सूचना की कमी नहीं, बल्कि उसकी सत्यता और विश्वसनीयता सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पत्रकारिता को तेज और अधिक सटीक बना सकती है, लेकिन मानवीय संवेदनाएं और विवेक उसकी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक रहेंगे।

उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में मीडिया से जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि रक्षा बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित खबरों में सटीकता, निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गलत सूचना समाज और सुरक्षा बलों के मनोबल दोनों को प्रभावित करती है, इसलिए सबसे पहले खबर देने से अधिक महत्वपूर्ण सही खबर देना है।

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