शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार है: सीईसी ज्ञानेश कुमार

मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार ने आज कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार है। इसी उद्देश्‍य के साथ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण-SIR शुरू किया गया है। इसका उद्देश्‍य मतदाता सूची में प्रत्‍येक पात्र मतदाता का नाम जोड़ना और प्रत्‍येक अपात्र का नाम हटाना सुनिश्चित करना है। उन्‍होंने यह टिप्‍पणी राष्‍ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्‍या पर जारी एक संदेश में की। 

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में सफलतापूर्वक एस.आई.आर. पूरा किया गया है और अभी 11 राज्‍यों तथा केन्‍द्रशासित क्षेत्रों में चल रहा है। उन्‍होंने कहा कि बाकी राज्‍यों में भी SIR जल्‍दी शुरू किया जाएगा। मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि बिहार में अंतिम मतदाता सूची के विरूद्ध एक भी अपील दायर नहीं की गई है। यह एस.आई.आर. की पवित्रता और विश्‍वसनीयता स्‍थापित करता है। 

मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने सभी मतदाता सेवाएं नागरिकों को एक प्‍लेटफॉर्म ई.सी.आई-नेट के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई हैं। 

उन्‍होंने कहा कि लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर हाल में आयोजित किए गए भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन में 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों और वरिष्‍ठ अधिकारियों ने हिस्‍सा लिया। इसके अलावा कई देशों के राजदूत भी सम्‍मेलन में शामिल हुए। उन्‍होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को परिलक्षित करती है, बल्कि अंतर्राष्‍ट्रीय मंच पर मजबूत नेतृत्‍व को भी स्‍थापित करती है। 

मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने युवा मतदाताओं से मतदान करने और लोकतंत्र का दूत बनने का अनुरोध किया। उन्‍होंने युवाओं से भ्रमित जानकारी, गलत जानकारी और झूठी जानकारी के विरूद्ध खड़े होने को भी कहा। 

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