नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026। राजधानी में World Banjara Day के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम के लिए बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने Kapil Mishra से मुलाकात कर दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम Ambedkar International Centre में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस आयोजन में देश के 15 राज्यों से करीब 2000 लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बंजारा समाज से जुड़े राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
समाज की संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास
दिल्ली सरकार में कला, संस्कृति एवं भाषा, पर्यटन और श्रम मंत्री Kapil Mishra ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य बंजारा समाज के शौर्य, सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि बंजारा समाज ने भारत के इतिहास, संस्कृति और व्यापारिक परंपराओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनकी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
घुमंतू और विमुक्त जातियों को मिल रहा सम्मान
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2014 से देश में नए भारत की यात्रा शुरू हुई है और देश के असली गौरव और इतिहास को सम्मान मिलने लगा है।
उन्होंने कहा कि Narendra Modi और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta के नेतृत्व में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू जातियों को पहली बार उचित सम्मान और प्रोत्साहन मिल रहा है।
बंजारा समाज ने जताया विश्वास
बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजनों से समाज को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। इससे यह भरोसा मजबूत हुआ है कि समाज की प्रगति और सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कई सामाजिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर बंजारा समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से हुकुम सिंह राठौड़, कविता राठौड़, हरीश, धर्मपाल, सुनील राठौड़, संजू सबाना, राजकुमार, कैलाश सिंह, रवि राठौड़, करतार सिंह, शंकर पंवार, ओमप्रकाश नायक, जसमेर सिंह बंजारा, ममता राठौड़, राजकुमार राठौड़, बिहारीलाल, अनीता राठौड़ और राजेंद्र मास्टर शामिल रहे।
इन सभी ने इस भव्य आयोजन के लिए दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया।
‘बंजारा विरासत’ को सहेजने का आह्वान
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बंजारा समाज ने अपनी मिट्टी की खुशबू, रंगों और संगीत को मीलों का सफर तय कर देश और दुनिया तक पहुंचाया है।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर नए भारत के निर्माण में योगदान देते रहें।

