महाराष्ट्र 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम, सरकार लाएगी DELTA कानून: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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मुंबई, 20 जुलाई। महाराष्ट्र सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अचल संपत्तियों (Real Estate Assets) में निहित ‘सुप्त आर्थिक मूल्य’ (Latent Value) का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डेल्टा (DELTA – Maharashtra Digitisation and Exchange of Land Token Assets) कानून लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून ऐसा होना चाहिए जो संपत्तियों के छिपे हुए आर्थिक मूल्य को सार्वजनिक हित में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करे।

सह्याद्री अतिथिगृह में प्रस्तावित डेल्टा कानून के प्रारूप पर आयोजित प्रस्तुतीकरण बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को तैयार करने के लिए सेबी (SEBI), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) सहित संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों और अनुभवी पेशेवरों की एक समिति गठित की जाए। यह समिति सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए व्यापक, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कानून का मसौदा तैयार करेगी। बैठक में नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल भी उपस्थित थीं।

ब्लॉकचेन तकनीक से होगा भूमि का टोकनाइजेशन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दुनिया के कई देशों में ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से अचल संपत्तियों का टोकनाइजेशन कर नए निवेश अवसर विकसित किए जा रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भूमि और अन्य अचल संपत्तियों को डिजिटल टोकन में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे उनके आर्थिक मूल्य में वृद्धि होगी और संपत्ति का लेन-देन अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बन सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में विभिन्न देशों के कानूनों और नियमों का अध्ययन कर सर्वोत्तम मॉडल अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह कानून लागू होता है तो महाराष्ट्र इस प्रकार का कानून लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।

पूरी संपत्ति लेन-देन प्रक्रिया होगी डिजिटल

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में संपत्ति खरीदने, बेचने या बैंक ऋण के लिए गिरवी रखने जैसी प्रक्रियाएं काफी समय लेने वाली और जटिल हैं। यदि इन्हें ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाए तो पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बन जाएगी। इससे संपत्ति मालिकों को अपनी संपत्तियों के सुप्त आर्थिक मूल्य का अधिकतम लाभ मिलेगा और निवेशकों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में सभी डिजिटल लेन-देन को मजबूत कानूनी संरक्षण दिया जाएगा तथा संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े अधिकारों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा।

विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स की मदद से तैयार होगा कानून

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कानून का मसौदा तैयार करते समय प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स के अनुभव का भी उपयोग किया जाए। साथ ही केंद्र सरकार के संबंधित कानूनों और नियामकीय ढांचे का अध्ययन कर प्रस्तावित कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

उन्होंने नगर विकास विभाग और विधि एवं न्याय विभाग को इस कानून की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सरकार और संपत्ति धारकों दोनों को होगा लाभ

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि डेल्टा कानून लागू होने से एक ओर जहां संपत्ति धारकों को अपनी परिसंपत्तियों के आर्थिक मूल्य का बेहतर लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमेशा देश को नई दिशा देने वाले प्रगतिशील कानून बनाने में अग्रणी रहा है और यह कानून भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव (वित्त) ओ.पी. गुप्ता, अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे, प्रधान सचिव (विधि एवं न्याय) दिलीप घुमरे, सचिव (योजना) शैला ए. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। नागपुर की संभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुईं, जबकि नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के महानगर आयुक्त संजय मीना ने प्रस्तावित डेल्टा कानून का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

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