नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा संत वेश धारण कर किए गए प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार का प्रदर्शन सनातन धर्म, साधु-संतों और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं का अपमान है।

डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अन्य सांसदों द्वारा संत वेश में किया गया प्रदर्शन धार्मिक प्रतीकों के दुरुपयोग का उदाहरण है। उन्होंने इस प्रदर्शन की तुलना रावण द्वारा संत का छद्म वेश धारण करने की पौराणिक कथा से करते हुए विपक्षी नेताओं पर धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का हिंदू आस्थाओं के प्रति कथित रवैया नया नहीं है और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दों का भी उन्होंने उल्लेख किया। डॉ. जैन ने कहा कि हिंदू समाज धैर्यवान और सहिष्णु है, लेकिन धार्मिक प्रतीकों के अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विहिप नेता ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि संसद परिसर में धार्मिक प्रतीकों का कथित रूप से अनादर करने वाले सांसदों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विहिप इस मामले में संभावित कानूनी कार्रवाई पर भी विचार कर रही है।
डॉ. सुरेंद्र जैन ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के कथित कृत्यों पर रोक नहीं लगाई गई, तो साधु-संतों और हिंदू समाज में आक्रोश बढ़ सकता है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से धार्मिक प्रतीकों और आस्थाओं के प्रति मर्यादा बनाए रखने की अपील भी की।


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