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‘लाडकी बहीण’ योजना के नाम पर महाराष्ट्र की महिलाओं के साथ धोखा: कांग्रेस

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2026: कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार की ‘लाडकी बहीण’ योजना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव समाप्त होते ही भाजपा-शिवसेना-एनसीपी (महायुति) सरकार ने लाखों महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित कर दिया है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटील ने कहा कि सरकार ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर लगभग 38 प्रतिशत महिला लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया है और भविष्य में यह संख्या 50 प्रतिशत से अधिक हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 62 लाख महिलाओं को ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी नहीं होने का कारण बताकर योजना से बाहर कर दिया, जबकि लगभग 1.80 लाख महिलाओं को 65 वर्ष से अधिक आयु का हवाला देकर अपात्र घोषित किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आवेदन के समय आधार कार्ड जमा होने के बावजूद सरकार को महिलाओं की आयु की जानकारी क्यों नहीं थी।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में गरीब और घरेलू कामकाजी महिलाओं के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, ऐसे में ई-केवाईसी की अनिवार्यता उन्हें योजना से बाहर करने का माध्यम बन गई है। साथ ही, जटिल कैप्चा प्रणाली के कारण अशिक्षित और ग्रामीण महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अतुल लोंढे पाटील ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में इस योजना के संचालन के लिए कोई स्वतंत्र कार्यालय या प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बनाई गई। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकारों की योजनाओं के लिए अलग कार्यालय और स्पष्ट कार्यप्रणाली होती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से योजना शुरू की गई और चुनाव के बाद लाभार्थियों की संख्या कम कर दी गई। कांग्रेस के अनुसार, पहले महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए गए और बाद में 2,100 रुपये देने का वादा किया गया, लेकिन चुनाव के बाद न तो राशि बढ़ाई गई और न ही सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिला।

कांग्रेस ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि योजना के लिए 29,732 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बावजूद 33,237 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पार्टी ने अतिरिक्त 3,500 करोड़ रुपये के खर्च पर सरकार से जवाब मांगा और इस मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

  • ई-केवाईसी के कारण वंचित 62 लाख पात्र महिलाओं का केवाईसी सरकार स्वयं कराए और उन्हें लंबित राशि सहित योजना का लाभ दिया जाए।
  • योजना से लाभार्थियों को बाहर किए जाने के निर्णय की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • योजना के क्रियान्वयन में हुई कथित अनियमितताओं और अपात्र लोगों को लाभ देने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को इस पूरे मामले पर पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए और पात्र महिलाओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करना चाहिए।

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