मुंबई, 1 मई 2026: ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे गए पत्र में कही।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश की नागरिक संस्कृति का प्रेरणास्रोत रहा है और यहां शौर्य, समाज सुधार व राष्ट्र निर्माण की परंपरा गहराई से जुड़ी हुई है।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य के विचारों से लेकर डॉ. बी.आर. आंबेडकर के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों तक राज्य के योगदान को उल्लेखनीय बताया। साथ ही बाल गंगाधर तिलक और वीर सावरकर सहित संत परंपरा के योगदान का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, जिसमें अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती, ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती और संत गाडगेबाबा की 150वीं जयंती शामिल हैं।
उन्होंने तीन प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मराठा साम्राज्य से जुड़े 11 किलों का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना, मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलना और पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. आंबेडकर की अर्धप्रतिमा का अनावरण, राज्य के वैश्विक सम्मान को बढ़ाने वाले कदम हैं।
आर्थिक विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर जिले के बिडकीन का औद्योगिक क्षेत्र नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है। साथ ही मुंबई मेट्रो ‘एक्वा लाइन’ विस्तार, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विकास को नई गति देंगी।
उन्होंने गडचिरोली जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश को ‘नए विकास पर्व की शुरुआत’ बताया और मराठवाड़ा की जल परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले की तैयारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘प्रसाद’ योजना के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने किसानों, मजदूरों, उद्यमियों और आम नागरिकों के योगदान को सराहते हुए विश्वास जताया कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महाराष्ट्र की भूमिका निर्णायक रहेगी।

