कुंडलपुर में आयोजित आचार्य पद पदारोहण आयोजन के चलते आधुनिक भोजनशाला में, एक बार में हजारों लोग कर रहे भोजन

1 घंटे में बन रही 3000 से अधिक रोटियां। गांव से आ रही हरी सब्जियां।

कुंडलपुर में आयोजित आचार्य पद पदारोहण आयोजन के चलते लगातार भीड़ बढ़ती ही जा रही है रोजाना यहां 25000 से अधिक भक्तों की मौजूदगी बताई जा रही है ऐसे में उनके रुकने, भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्थाएं भी कुंडलपुर में की गई है। वर्तमान में दो भोजन शालाएं संचालित हो रही हैं जिनमें एक भोजनशाला में आधुनिक तरीके से भोजन तैयार किया जा रहा है जिसमें हजारो लोग एक बार में भोजन कर सकते हैं जबकि दूसरी भोजनशाला त्यागी व्रतियों के लिए है जिसमें शोध का शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

आधुनिक भोजनशाला में भोजन करने वाले लोगो पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एक साथ पहुंचने वाली भीड़ को व्यवस्थित एवं पर्याप्त भोजन मिल सके, इस पर भी ध्यान रखा जा रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए दर्शनार्थियों के लिए पानी पीने के लिए 20 से अधिक पॉइंट अलग-अलग स्थान पर बनाए गए हैं । गर्मी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जगह पर 20 से ज्यादा पॉइंट बनाए गए हैं जहां पानी के कैंपर रखवाये गए हैं इन जगहों पर पहुंचकर लोगों को आसानी से ठंडा पानी मिल रहा है। रोजाना यहां पीने के पानी की खपत 20000 लीटर तक बताई जा रही है इसके अलावा स्वयंसेवकों द्वारा समय-समय पर छाछ आदि की व्यवस्था भी लोगों को की जा रही है जबकि ग्रामीणों द्वारा कम दाम में गन्ने का जूस भी यात्रियों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

भोजन शाला में लोगों को पर्याप्त मात्रा में रोटियां मिल सके इसके लिए तीन रोटी मेकर मशीन लगाई गई है जिनसे एक घंटे में तकरीबन 3000 तक रोटियां बन रही हैं यह मशीन फुली ऑटोमेटिक है जिसमें आटा गूंथने से लेकर बेलने सीखने तक की प्रक्रिया होती है इसके अलावा भी रोटियां कम ना पड़ जाए इसके लिए 10 से अधिक गैस भट्टियां भी लगाई गई है जिसमें महिलाओं के माध्यम से रोटियां बनवाई जा रही है । भोजन शाला में एक बार में 5000 से अधिक लोग भोजन कर सकते हैं।

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