टिड्डी दल के आक्रमण से फसलों को बचाने के लिए जिलाधिकारी गौतम बुध नगर की सभी कृषक भाइयों को सलाह।

गौतम बुध नगर के जिलाधिकारी  सुहास एल.वाई. ने जिले के सभी किसान भाइयों को  जानकारी दी है कि टिड्डी दल मध्य प्रदेश के दतिया जिले से उत्तर प्रदेश के झांसी एवं सोनभद्र जिले में प्रवेश कर चुका है, वर्तमान में झांसी जनपद की मोट तहसील से होते हुए नोटा, सेंदरी गांव होते हुए परीछा डैम पहुंच चुका है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान में जनपद दोसा के सिकराई विकासखंड में इसकी लोकेशन प्राप्त हुई है, जोकि अनुकूल परिस्थितियों में आगरा जनपद में प्रवेश कर सकता है।

डीएम सुहास ने बताया कि टिड्डी कीट की तीन अवस्था होती हैं, जिसमें से व्यवस्क की अवस्था काफी हानिकारक होती है और वह दल दिन के समय सूर्य की चमकीली रोशनी में तेज उड़ाका झुंडो के रूप में उड़ते रहते हैं, शाम के समय व झाड़ियों व पेड़ों पर आराम करने के लिए नीचे उतर जाते हैं और वहीं पर रात गुजारते हैं। उन्होंने टिड्डी दल के प्रकोप से फसलों को बचाने के लिए जनपद के समस्त कृषक भाइयों का आह्वान करते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर एक साथ एकत्रित होकर ढोल नगाड़े, टीन के डिब्बे, थालियां एवं माइक आदि के द्वारा शोर करने से टिड्डी दल खेतों में नीचे नहीं उतरता, जिससे फसलों को हानि से बचाया जा सकता है।

टिड्डी दल दिन डूबने से दिन निकलने तक पेड़ पौधों पर आश्रय लेती हैं। ऐसे प्रभावित क्षेत्रों में कृषि रक्षा रसायनो का छिड़काव मेलाथियान 96 प्रति0, क्लोरोपाइरीफास 50 प्रति0 क्लोरोपाइरीफास 20 प्रति0 एवं फिपरोनिल 5 प्रति0 का छिड़काव ट्रैक्टर माउंट स्पेयर, अग्निशमन विभाग की गाड़ियों के साथ-साथ नेपसेक स्पेयर से किया जाएगा। इसकी व्यवस्था जनपद में की जा रही है। उक्त रसायनों के छिड़काव का समय रात्रि के 11:00 बजे से सुबह 3:00 बजे तक प्रभावी रहता है। उन्होंने बताया कि उक्त के संबंध में अधिक जानकारी के लिए विकासखंड स्तर पर सहायक विकास अधिकारी, कृषि/ कृषि रक्षा, तहसील स्तर पर उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी एवं जनपद स्तर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी/ जिला कृषि अधिकारी/ उप कृषि निदेशक से फोन पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।

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