80 वर्षों में पहली बार संसद और लालकिले की प्राचीर को पूरे ‘वंदे मातरम्’ से गुंजयमान करने के लिए केंद्र सरकार का आभार: विनोद बंसल

नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल, हरकेश नगर प्रखंड, कालकाजी जिला द्वारा ‘रन फॉर वंदे मातरम्’ देशभक्ति यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पदयात्रा एवं बाइक यात्रा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, हिंदू एकता और ‘वंदे मातरम्’ के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल जी द्वारा तिरंगा फहराकर किया गया। इसके पश्चात बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने देशभक्ति के उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत धर्म यात्रा सह संयोजक राधाकृष्ण जी, विभाग सुरक्षा प्रमुख शैलेंद्र जायसवाल, कालकाजी जिला अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, जिला मंत्री डॉ. अंकुर सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी तथा हरकेश नगर सेवा बस्ती की बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे उपस्थित रहे।

बंसल ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति हमारी श्रद्धा, कृतज्ञता और राष्ट्रभक्ति का उद्घोष है। तिरंगा हमारे हाथ में ही नहीं, हमारे हृदय में भी होना चाहिए। आज स्वतंत्रता दिवस पर ‘रन फॉर वंदे मातरम्’ के माध्यम से हमने यही संकल्प लिया है कि भारत की एकता, अखंडता और गौरव के लिए हम सदैव एकजुट होकर कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें वन्देमातरम् गाते असंख्य ज्ञात-अज्ञात वीरों के त्याग और बलिदान से प्राप्त हुई है। किंतु दुर्भाग्य से हमारे इस महान् गीत को भी काट छांट दिया। हमें गर्व है कि अब उस महान् गीत को केंद्र सरकार ने ना सिर्फ़ लाल किले के प्राचीर से उसका खोया हुआ गौरव पुनः दिलाया बल्कि पहली बार संसद में भी पूरा वन्देमातरम् का गायन हुआ। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का पुनः संकल्प लेने का दिन भी है।

बंसल ने विशेष रूप से सेवा बस्ती की महिलाओं और बच्चों की सहभागिता का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति किसी वर्ग, क्षेत्र या सामाजिक सीमा में बंधी हुई नहीं है। तिरंगे के नीचे पूरा समाज एक है और यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने आह्वान किया आइए, हम सब मिलकर राष्ट्र को नमन करें, वंदे मातरम् गाएँ और भारत को और अधिक शक्तिशाली, समृद्ध एवं गौरवशाली बनाने का संकल्प लें। भारत माता की जय और वंदे मातरम् केवल उद्घोष नहीं, हमारे जीवन का संकल्प बने।

कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों, राष्ट्रभक्ति के नारों और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा का संकल्प लिया।

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