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नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026। भारत में आयोजित होने वाले BRICS Summit 2026 में दुनिया के कई प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो समेत कई महत्वपूर्ण वैश्विक नेता शामिल होंगे।

भारत में आयोजित BRICS Summit 2026 को वैश्विक दक्षिण, बहुपक्षीय सहयोग, आर्थिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा विभिन्न साझेदार देशों तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के शीर्ष प्रतिनिधियों की भागीदारी भी होगी।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन होंगे प्रमुख भागीदार

BRICS Summit 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भागीदारी प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। रूस BRICS का प्रमुख सदस्य है और भारत-रूस के बीच रणनीतिक संबंधों को देखते हुए पुतिन की मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

सम्मेलन के दौरान वैश्विक राजनीति, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भागीदारी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी BRICS Summit 2026 में शामिल होंगे। भारत और चीन दोनों BRICS के प्रमुख सदस्य हैं और दोनों देशों की वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है।

शी जिनपिंग की मौजूदगी सम्मेलन को विशेष कूटनीतिक महत्व देती है। BRICS के मंच पर आर्थिक सहयोग के साथ-साथ वैश्विक शासन व्यवस्था, विकास और बहुपक्षीय संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा का महत्व बढ़ जाता है।

दक्षिण अफ्रीका और ईरान के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति माटामेला सिरिल रामाफोसा और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भी सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

दक्षिण अफ्रीका BRICS के प्रमुख देशों में से एक है, जबकि ईरान की भागीदारी समूह के विस्तार और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच बढ़ते सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

मिस्र और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भी होंगे शामिल

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी BRICS Summit 2026 में भाग लेने वाले प्रमुख नेताओं में हैं।

इंडोनेशिया की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दक्षिण-पूर्व एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उसकी वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक भूमिका लगातार बढ़ रही है। वहीं मिस्र की भागीदारी अफ्रीका और अरब क्षेत्र के साथ BRICS के बढ़ते जुड़ाव को रेखांकित करती है।

मलेशिया, इथियोपिया और वियतनाम के शीर्ष नेता भी मौजूद

सम्मेलन में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबीय अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी भाग लेंगे।

इन देशों की भागीदारी से BRICS के साथ एशिया और अफ्रीका के देशों के आर्थिक एवं रणनीतिक जुड़ाव को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा यूगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा और संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी सम्मेलन से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों में शामिल हैं।

ब्राजील, उरुग्वे, बेलारूस और बहरीन से मंत्री स्तर की भागीदारी

BRICS Summit 2026 में कई देशों के विदेश मंत्री भी भाग लेंगे। ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेत्किन, बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेंकोव और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जायानी प्रमुख नामों में शामिल हैं।

सऊदी अरब की ओर से विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पैरिल्ला की भागीदारी भी सम्मेलन में प्रस्तावित है।

संयुक्त राष्ट्र, WHO और WTO के शीर्ष अधिकारी भी होंगे मौजूद

BRICS Summit 2026 की वैश्विक महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सम्मेलन में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी भी भाग ले रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस और विश्व व्यापार संगठन (WTO) की महानिदेशक डॉ. न्गोजी ओकोंजो-इवेला सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों में हैं।

इनकी मौजूदगी से स्वास्थ्य, वैश्विक व्यापार, सतत विकास, बहुपक्षीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर BRICS मंच की व्यापकता और बढ़ेगी।

AIIB और NDB के शीर्ष नेतृत्व की भागीदारी

सम्मेलन में प्रमुख बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं का प्रतिनिधित्व भी रहेगा। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की अध्यक्ष झोउ जियायी तथा न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ भी सम्मेलन में शामिल होंगी।

BRICS से जुड़े वित्तीय सहयोग और विकास वित्त की दिशा में NDB की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वहीं AIIB की भागीदारी एशिया में बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अहम सम्मेलन

BRICS Summit 2026 की मेजबानी भारत के लिए कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के एक मंच पर आने से भारत को वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखने का अवसर मिलेगा।

सम्मेलन के दौरान व्यापार, निवेश, विकास, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, वित्तीय सहयोग और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

वैश्विक दक्षिण के सहयोग को नई दिशा देने का अवसर

BRICS का विस्तार और इसमें विभिन्न क्षेत्रों के देशों की बढ़ती भागीदारी समूह को वैश्विक आर्थिक एवं कूटनीतिक मंच के रूप में अधिक महत्वपूर्ण बना रही है। भारत की मेजबानी में होने वाला BRICS Summit 2026 इस सहयोग को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

दुनिया के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी भारत के लिए व्यापक द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराएगी।

BRICS Summit 2026 में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों की विविधता यह संकेत देती है कि सम्मेलन केवल सदस्य देशों के बीच सहयोग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

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