भारत-थाईलैंड व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार! पीयूष गोयल ने थाई उप प्रधानमंत्री से की अहम मुलाकात

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में थाईलैंड की उप प्रधानमंत्री एवं वाणिज्य मंत्री सुपहाजी सुथुम्पुन से मुलाकात की। बैठक में भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने, कारोबारी अवसरों का विस्तार करने तथा दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच सीधे कारोबारी संपर्क बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।

दोनों मंत्रियों ने भारत-थाईलैंड आर्थिक साझेदारी को नई गति देने के लिए ऐसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिनसे द्विपक्षीय व्यापार में संतुलित और टिकाऊ वृद्धि को बढ़ावा मिल सके। बातचीत में व्यापार और निवेश के नए अवसरों की पहचान करने तथा दोनों देशों के उद्यमों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए सहयोग पर जोर

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के लिए अधिक सहयोग और संयुक्त रूप से समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया। दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक साझेदारी ऐसी होनी चाहिए, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों को समान रूप से अवसर मिलें और द्विपक्षीय व्यापार अधिक संतुलित एवं टिकाऊ तरीके से आगे बढ़े।

दोनों मंत्रियों ने व्यापार प्रोत्साहन गतिविधियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारियों के बीच नए नेटवर्क विकसित करना, बिजनेस-टू-बिजनेस संपर्क बढ़ाना और कंपनियों के लिए नए बाजार अवसर उपलब्ध कराना है।

Thai delegation led by H.E. Ms. Suphajee Suthumpun, Deputy Prime Minister & Minister of Commerce of Thailand.
Thai delegation led by H.E. Ms. Suphajee Suthumpun, Deputy Prime Minister & Minister of Commerce of Thailand.

AITIGA समीक्षा में तेजी पर जोर

बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा आसियान-भारत व्यापार वस्तु समझौते (ASEAN-India Trade in Goods Agreement—AITIGA) की समीक्षा रहा। दोनों पक्षों ने AITIGA समीक्षा में हुई प्रगति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इसे आगे बढ़ाने के लिए अधिक गहन द्विपक्षीय संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

दोनों देशों ने भारत-थाईलैंड संयुक्त व्यापार समिति (Joint Trade Committee—JTC) के माध्यम से बातचीत को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर भी बल दिया।

दोनों पक्षों ने माना कि एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार ढांचा भारत और थाईलैंड के व्यवसायों के लिए अधिक बाजार पहुंच सुनिश्चित करने तथा नए कारोबारी अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

थाई कारोबारी प्रतिनिधिमंडल से भी संवाद

बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने थाईलैंड के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे कारोबारी प्रतिनिधिमंडल को भी संबोधित किया। प्रतिनिधिमंडल में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण एवं नवाचार, स्वास्थ्य एवं वेलनेस तथा व्यापार और निवेश प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों से जुड़े कारोबारी शामिल थे।

इन क्षेत्रों को भारत और थाईलैंड के बीच भविष्य के कारोबारी सहयोग के संभावित महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच संपर्क बढ़ने से निवेश, तकनीकी सहयोग और संयुक्त कारोबारी अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सभ्यतागत और आर्थिक संबंधों की मजबूत नींव

भारत और थाईलैंड के बीच संबंध केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।

भारत और थाईलैंड द्विपक्षीय व्यापार और निवेश के विस्तार के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच मौजूद संस्थागत तंत्रों में व्यापार को सुगम बनाने, बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों के समाधान और क्षेत्रीय तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ कारोबारी संपर्क मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

क्षेत्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश

भारत और थाईलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण पहलू दोनों देशों के व्यवसायों को क्षेत्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ना है।

दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ने से कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंच, निवेश के अवसर और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के नए रास्ते मिल सकते हैं। विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य और नवाचार जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी आर्थिक संबंधों को और व्यापक बना सकती है।

आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता

बैठक के अंत में भारत और थाईलैंड ने आर्थिक जुड़ाव को और गहरा करने, कारोबारी साझेदारियों को मजबूत बनाने और एक मजबूत, संतुलित एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार एवं निवेश संबंध विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में AITIGA समीक्षा को आगे बढ़ाने और भारत-थाईलैंड संयुक्त व्यापार समिति के माध्यम से द्विपक्षीय संवाद को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने पर दिया गया जोर दोनों देशों के बीच भविष्य के व्यापारिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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