नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने आज National Museum में आयोजित कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में घोषणा की कि लद्दाख में भगवान Gautama Buddha के पवित्र अवशेषों की एक ऐतिहासिक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन 1 मई से 15 मई 2026 तक Ladakh में होगा।
केंद्रीय मंत्री ने इसे वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि पहली बार भारत में इन पवित्र अवशेषों को उनके मूल संरक्षण स्थल से निकालकर आम जनता के दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के अहिंसा, करुणा और आत्म-जागरण के संदेश आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
यह भव्य आयोजन Ministry of Culture, लद्दाख प्रशासन और International Buddhist Confederation के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, राजदूत, बौद्ध धर्मगुरु (रिनपोछे), केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भाग लेंगे।
मंत्री ने कहा कि लद्दाख, जो बौद्ध विरासत का प्रमुख केंद्र है, इस आयोजन से न केवल आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए पवित्र अवशेषों के दर्शन, भव्य शोभायात्राएं, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान, ध्यान और योग शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और हिमालयी बौद्ध धर्म पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन के प्रमुख स्थलों में Mahabodhi International Meditation Centre, Leh Palace और CIBS शामिल हैं। यह प्रदर्शनी 11–12 मई को जांस्कर क्षेत्र तक भी पहुंचेगी, जबकि 14 मई को लेह में समापन समारोह आयोजित होगा और 15 मई को पवित्र अवशेषों को वापस ले जाया जाएगा।
इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena, Abhijit Halder समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

