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गुरुग्राम पुलिस की 13वीं साइबर सिक्योरिटी समर इंटर्नशिप का समापन, 1,000 से अधिक प्रतिभागियों को मिला प्रशिक्षण

गुरुग्राम, 28 जून 2026 :गुरुग्राम पुलिस द्वारा आयोजित 13वें गुरुग्राम पुलिस साइबर सिक्योरिटी समर इंटर्नशिप (GPCSSI) 2026 का एक माह तक चलने वाला कार्यक्रम रविवार को डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-49 में भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देशभर से चयनित 500 साइबर एम्बेसडर और 500 से अधिक साइबर वॉरियर्स ने भाग लिया।

इस इंटर्नशिप का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर हाइजीन, ऑनलाइन सुरक्षा, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर साइबर जागरूक समाज का निर्माण करना था।

समापन समारोह में पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं साइबर) प्रतीक गहलोत (IPS) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) गौरव फोगाट (HPS) सहित गुरुग्राम के विभिन्न साइबर अपराध पुलिस थानों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम में डीएवी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या चारू ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के वरिष्ठ सचिव अतुल कुमार ठाकुर और VISA के प्रतिनिधि मेहुल गुप्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान Capture The Flag (CTF) प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

साइबर एम्बेसडर बनने का आह्वान

अपने संबोधन में डीसीपी प्रतीक गहलोत ने सभी प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए उन्हें अपने विद्यालयों, महाविद्यालयों, परिवार और समाज में साइबर एम्बेसडर के रूप में कार्य करने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।

वहीं एसीपी गौरव फोगाट ने बढ़ते साइबर अपराधों की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए साइबर जागरूकता, नैतिक डिजिटल व्यवहार और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ जनभागीदारी को समय की आवश्यकता बताया।

नवाचार आधारित साइबर परियोजनियों का प्रदर्शन

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण अवधि में विकसित साइबर सुरक्षा परियोजनियों और जागरूकता अभियानों का प्रदर्शन किया। इनमें साइबर हाइजीन, एआई आधारित सुरक्षा चुनौतियां, डिजिटल जांच, ऑनलाइन फ्रॉड की रोकथाम और सामुदायिक जागरूकता जैसे विषयों पर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और टीमों को सम्मानित किया गया।

‘साइबर सुरक्षित भारत’ का जनआंदोलन बना GPCSSI

GPCSSI के मेंटर एवं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने कहा कि पिछले 13 वर्षों में यह कार्यक्रम केवल एक इंटर्नशिप नहीं, बल्कि जिम्मेदार डिजिटल नागरिक तैयार करने का जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से प्रशिक्षित प्रत्येक प्रतिभागी अपने परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल और समाज को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

इंटर्नशिप के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञों, विधि विशेषज्ञों, एथिकल हैकर्स और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर अपराध जांच, एआई, साइबर कानून, डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय साइबर धोखाधड़ी, सोशल इंजीनियरिंग और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

समापन समारोह में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

वर्ष 2013 में शुरू हुई गुरुग्राम पुलिस साइबर सिक्योरिटी समर इंटर्नशिप (GPCSSI) आज देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित युवा साइबर जागरूकता पहलों में से एक बन चुकी है, जिसने हजारों युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित किया है।

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