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महा विकास आघाड़ी में वोट बंटने के संकेत? संजय राउत के बयान पर भाजपा के नवनाथ बन का तीखा हमला

मुंबई, 27 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने Sanjay Raut के हालिया बयान पर निशाना साधते हुए महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में वोट बंटने और अंदरूनी मतभेदों के संकेत बताए हैं।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बन ने कहा कि विधान परिषद चुनाव पूरी तरह “पैसों का खेल” बन चुका है और ऐसे में अपने वोटों को संभालकर रखने की सलाह देना दरअसल एक राजनीतिक चेतावनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राउत का बयान Uddhav Thackeray के लिए संकेत है कि यदि वे चुनाव मैदान में उतरते हैं तो महाविकास आघाड़ी के भीतर वोटों का विभाजन हो सकता है।

एमवीए में एकजुटता पर सवाल

नवनाथ बन ने कहा कि महाविकास आघाड़ी के तीनों दल अलग-अलग दिशाओं में खड़े नजर आ रहे हैं, जिससे विधान परिषद चुनाव में एकमत होने की संभावना कम दिखाई देती है। उनके अनुसार, यह स्थिति गठबंधन के भीतर चल रहे मतभेदों को उजागर करती है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में निर्विरोध भेजने के लिए कांग्रेस ने शर्त रखी है कि अगली बार राज्यसभा सीट Sanjay Raut के बजाय कांग्रेस को दी जाए।

महायुति को बताया मजबूत

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महायुति पूरी तरह संगठित और मजबूत है। उन्होंने Devendra Fadnavis, Eknath Shinde और सुनेत्रा पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी नेता एकजुट होकर काम कर रहे हैं, जबकि एमवीए अपनी अंदरूनी समस्याओं से जूझ रही है।

राउत और ठाकरे पर तीखा हमला

नवनाथ बन ने संजय राउत पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विधान परिषद की उम्मीदवारी को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के लिए काम न करने के कारण उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी को विधानसभा, महानगरपालिका और जिला परिषद चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi, Amit Shah और देवेंद्र फडणवीस जैसे नेता कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर उतरकर संघर्ष करते हैं, जबकि उद्धव ठाकरे पर घर बैठकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल और मणिपुर पर भी बयान

नवनाथ बन ने पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मतदाताओं पर दबाव की बात सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण में 95% मतदान इसका प्रमाण है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि वहां हिंसा की घटनाएं भी हुई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी।

मणिपुर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संजय राउत को इस विषय पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए, क्योंकि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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