यूरोप दौरे से भारत-ईयू आर्थिक संबंधों को मिली नई मजबूती, पीयूष गोयल ने व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को दी नई दिशा
नई दिल्ली, 19 जुलाई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 13 से 18 जुलाई 2026 तक स्पेन, बेल्जियम, फिनलैंड और एस्टोनिया की अपनी पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न की। उच्चस्तरीय भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल के साथ किए गए इस दौरे के दौरान उन्होंने चारों देशों के मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों से व्यापक चर्चा की। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और यूरोप के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना, तकनीकी सहयोग को गति देना और भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद उभरने वाले अवसरों का लाभ उठाना था।

स्पेन के साथ व्यापार और पर्यटन को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य
स्पेन दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने वहां के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और व्यवसाय मंत्री कार्लोस क्यूरपो कैबालेरो तथा उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहर से मुलाकात की। दोनों देशों ने वार्षिक भारत-स्पेन संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित करने तथा व्यवसायिक भागीदारी बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और स्पेन के Bizum डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के बीच इंटरऑपरेबिलिटी पर तकनीकी चर्चा आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, टेक्सटाइल, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
भारत-स्पेन बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने ’10×10×10 विजन’ पेश किया, जिसके तहत अगले दस वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।
ब्रुसेल्स में भारत-ईयू एफटीए पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा
बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में केंद्रीय मंत्री ने भारत-ईयू ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई और भारत के 21 अतिरिक्त मत्स्य निर्यात प्रतिष्ठानों को यूरोपीय बाजार में स्वीकृति मिली। अब यूरोपीय संघ में निर्यात के लिए भारत के कुल 625 मत्स्य प्रतिष्ठानों को मंजूरी प्राप्त हो चुकी है।
पीयूष गोयल ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय व्यापार आयुक्त मारोश शेफचोविच तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने और लागू करने पर जोर दिया।
बैठकों में निवेश संरक्षण समझौता, भौगोलिक संकेतक (GI) समझौता, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM), कृषि उत्पादों के बाजार तक पहुंच, बासमती चावल और इस्पात स्क्रैप से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बेल्जियम की कंपनियों के लिए भारत में विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

फिनलैंड के साथ एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर सहयोग
फिनलैंड में पीयूष गोयल ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री रीका पुर्रा तथा आर्थिक मामलों के मंत्री सकारी पुइस्तो से मुलाकात की। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 6G, क्वांटम तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
उन्होंने KONE और Nokia जैसी प्रमुख कंपनियों के नेतृत्व से भी मुलाकात कर उन्हें भारत में विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्यात गतिविधियों का विस्तार करने का आमंत्रण दिया।

एस्टोनिया के साथ डिजिटल साझेदारी को मिला नया आयाम
18 जुलाई को पीयूष गोयल ने एस्टोनिया की यात्रा के साथ अपना यूरोप दौरा समाप्त किया। वर्ष 2021 में भारत के टालिन स्थित दूतावास की स्थापना के बाद यह भारत की ओर से पहला मंत्रीस्तरीय दौरा था।
विदेश मंत्री मार्गुस त्साहकना के साथ हुई बैठक में डिजिटल गवर्नेंस, फिनटेक, UPI इंटीग्रेशन, ई-रेजिडेंसी, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। एस्टोनिया ने भारत-ईयू एफटीए के शीघ्र क्रियान्वयन का समर्थन किया तथा भारत को एस्टोनिया डिजिटल समिट में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया।
भारत-एस्टोनिया बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल ने साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने टालिन में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की और भारतीय समुदाय से संवाद किया।
भारत को वैश्विक विनिर्माण एवं नवाचार केंद्र बनाने का आह्वान
यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने चारों देशों के उद्योग संगठनों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा की। उन्होंने यूरोपीय कंपनियों से भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, विशाल घरेलू बाजार, विश्वस्तरीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन और स्थिर नीतिगत वातावरण का लाभ उठाते हुए भारत को अपना विनिर्माण, नवाचार और निर्यात केंद्र बनाने का आग्रह किया।
भारत-यूरोप संबंधों को मिलेगा नया प्रोत्साहन
सरकार के अनुसार, इस दौरे से भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, नवाचार और बाजार पहुंच के क्षेत्रों में नई गति मिलेगी। साथ ही भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।