नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षेत्र के माध्यम से सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आकाशवाणी के माध्यम से सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहलों ने पिछले 12 वर्षों में देश के रक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाए हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश का घरेलू रक्षा उत्पादन वर्ष 2014 के करीब 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि रक्षा निर्यात भी वित्त वर्ष 2013-14 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।
राजनाथ सिंह के अनुसार, भारत के रक्षा उत्पाद अब 80 से अधिक देशों को निर्यात किए जा रहे हैं और देश में करीब 145 रक्षा निर्यातक सक्रिय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत वर्ष 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य हासिल कर लेगा।
उन्होंने कहा कि रक्षा बजट वित्त वर्ष 2013-14 के 2.53 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में पूंजीगत व्यय 94,588 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.19 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अनुसंधान एवं विकास के लिए बजट भी बढ़ाकर 29,100 करोड़ रुपये किया गया है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 8.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए आवश्यकता की स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी युद्धपोत, विमान और आधुनिक सैन्य प्रणालियां भारत की रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही हैं।
राजनाथ सिंह ने आधुनिक सैन्य तकनीकों में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल, RudraM-II, लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल, नेवल एंटी-शिप मिसाइल-एसआर और पिनाका लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट के परीक्षणों का जिक्र किया। उन्होंने 1,200 सेकंड से अधिक समय तक एक्टिव कूल्ड फुल-स्केल स्क्रैमजेट कम्बस्टर परीक्षण को भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में ECHS बजट में 300 प्रतिशत वृद्धि की गई है। साथ ही विभिन्न कल्याणकारी अनुदानों में भी बढ़ोतरी की गई है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर राजनाथ सिंह ने कहा कि NDA से प्रशिक्षित महिला कैडेटों के पहले बैच का तीनों सेनाओं में अधिकारी के रूप में कमीशन होना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ‘नारी शक्ति’ की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
अपने संबोधन के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है। उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ मनाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


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