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Author: Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)

पश्चिम एशिया संकट के कुप्रभाव से मुक्तिदाता, “अपरिग्रह, संयम, और परिग्रह-परिमाण सूत्र” – डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश
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पश्चिम एशिया संकट के कुप्रभाव से मुक्तिदाता, “अपरिग्रह, संयम, और परिग्रह-परिमाण सूत्र” – डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश

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अधिकार पाना है तो कर्तव्य पालन भी जरूरी हो जाता है- डॉ निर्मल जैन

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संत शिरोमणि पूज्य आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी, पवित्र,पावन,निर्मल आत्मा के चरणों में भावभीनी विनियांजलि।
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संत शिरोमणि पूज्य आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी, पवित्र,पावन,निर्मल आत्मा के चरणों में भावभीनी विनियांजलि।

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रिश्ते, रिसते घाव न बन जायें -डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश
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रिश्ते, रिसते घाव न बन जायें -डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश

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क्रोध करने का हमें कोई अधिकार नहीं है -डॉ निर्मल जैन

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दिखाओ चाबुक तो झुक कर सलाम करते हैं- हम वो शेर हैं जो सर्कस में काम करते हैं। डॉ. निर्मल जैन (जज)
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दिखाओ चाबुक तो झुक कर सलाम करते हैं- हम वो शेर हैं जो सर्कस में काम करते हैं। डॉ. निर्मल जैन (जज)

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नए साल की  तारीख भले ही विदेशी, लेकिन उत्सव-भाव स्वदेशी

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मतदान दिवस, अवकाश दिवस नहीं, कर्तव्य दिवस
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मतदान दिवस, अवकाश दिवस नहीं, कर्तव्य दिवस

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सावधान रहिए, चिंतित नहीं -डॉ.निर्मल जैन (जज)
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सावधान रहिए, चिंतित नहीं -डॉ.निर्मल जैन (जज)

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व्यर्थ ना जाए नाली में – डॉ निर्मल जैन (न्यायाधीश)

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•Dr. Nirmal Jain, Jain
लव जिहाद: न लव, न जिहाद, न साजिश, केवल स्व-निर्मित परिस्थिति -डॉ. निर्मल जैन (जज)
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लव जिहाद: न लव, न जिहाद, न साजिश, केवल स्व-निर्मित परिस्थिति -डॉ. निर्मल जैन (जज)

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अपने मन और कामनाओं पर लॉक-डाउन लगा के देख फिर- डॉ निर्मल जैन (न्यायाधीश)

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देह के हस्तिनापुर में आज भी एक महाभारत सुलग रहा है – डॉ.निर्मल जैन (न्यायाधीश)

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महावीर निर्वाण कल्याणक“मैं” से स्वयं में जाना निर्वाण हैं- डॉ. निर्मल जैन (ret. Judge)
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महावीर निर्वाण कल्याणक“मैं” से स्वयं में जाना निर्वाण हैं- डॉ. निर्मल जैन (ret. Judge)

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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बस ! इतना सा ख्वाव है – जनबल मेरे साथ हो झंडा मेरे हाथ हो : डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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बेटी, “बहू-बेटी” स्वयं बने या हम बनायेंगे? डॉ. निर्मल जैन (जज)

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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सोशल मीडिया पर विधटनकारी विवाद के संदर्भ में अकबर बीरबल-प्रसंग- डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•Social media, डॉ. निर्मल जैन
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मेरी तो बस हथेली ही गीली हुई -डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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अपरिग्रह व्रत, स्वयं को प्रकृति से जोड़े रखने का आश्वासन है -डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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क्षमा धारण करते ही बाकी सभी धर्म का स्वत: ही समावेश हो जाता है

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अगर “अंतिम मैच” में रन नहीं बटोरे तो नैट-प्रेक्टिस अर्थहीन हो जाती है -डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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सच कहना न तो निंदा है और न ही उससे पाप या नर्क का बंध होता है -डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•डॉ. निर्मल जैन
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जो पाप बांटते समय किसी की नहीं सुनता, “भोगते” समय भी कोई उस की नहीं सुनता -डॉ. निर्मल जैन

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जीवन अलभ्य है, जीवन सौभाग्य है उससे पलायन क्यों ?  -डॉ. निर्मल जैन
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जीवन अलभ्य है, जीवन सौभाग्य है उससे पलायन क्यों ?  -डॉ. निर्मल जैन

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मन का माना मर गया, मन को मारा तर गया – डॉ. निर्मल जैन

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हम दुख नहीं चाहते लेकिन दुखों को न्योता देने वाले काम खूब करते हैं – डॉ. निर्मल जैन

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जो जोड़ने का सोपान है उसे लेकर इतनी तोड़-फोड़ क्यों ? -डॉ. निर्मल जैन

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कारोना तू है तो भक्षक लेकिन हम तुझमें शिक्षक भी देख रहे हैं – डॉ. निर्मल जैन
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कारोना तू है तो भक्षक लेकिन हम तुझमें शिक्षक भी देख रहे हैं – डॉ. निर्मल जैन

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प्रवचनों का श्रवण, शास्त्रों का पठन बस शमशान-वैराग्य की तरह प्रभावी – डॉ. निर्मल जैन

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बुद्ध ने अपने अंतिम उपदेश में शिष्यों से कहा था कि -अपना प्रकाश खुद बनो, अर्थात “आत्मनिर्भर बनो”। -डॉ. निर्मल जैन
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बुद्ध ने अपने अंतिम उपदेश में शिष्यों से कहा था कि -अपना प्रकाश खुद बनो, अर्थात “आत्मनिर्भर बनो”। -डॉ. निर्मल जैन

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खोजो तो हर दुख में सुख और हर व्यक्ति में दुर्योधन ही नहीं अर्जुन भी छिपा है -डॉ. निर्मल जैन

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प्रशंसक हैं अथवा किसी प्रयोजन हेतु जुड़े चापलूस – डॉ. निर्मल जैन 

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स्वप्न और खजाने क्या कभी पूरे भर पाते हैं?- डॉ. निर्मल जैन 

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क्या हम रात्रि-भोजन के त्यागी हैं? – डॉ. निर्मल जैन
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क्या हम रात्रि-भोजन के त्यागी हैं? – डॉ. निर्मल जैन

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झुमके तो 10 तोले के ही पहने जाएंगे भले ही कानों की लौ छी जाए- डॉ. निर्मल जैन

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लॉक”DOWN” में मनोबल “UP” बनाए रखने की स्रोत -महिला-शक्ति के नाम: डॉ. निर्मल जैन
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लॉक”DOWN” में मनोबल “UP” बनाए रखने की स्रोत -महिला-शक्ति के नाम: डॉ. निर्मल जैन

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नाम परिवर्तन से गुण-दोष नहीं बदलते- डॉ. निर्मल जैन

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धर्म तो जीवन की हर क्रिया, हर पल का सहचर है- निर्मल जैन

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लॉकडाउन से निकला सच-जीवन-यापन के खर्च तो कम, दिखावा ही खर्चीला होता है। – डॉ. निर्मल जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•Lockdown
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सहज रूप में ज्यादा से ज्यादा सहज बनें 

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प्रेम ही मार्ग है, प्रेम ही हमारी मंजिल है – ममता जैन, एडवोकेट

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“हम हैं तो मूलत: कृष्ण अगर भटक गए तो कंस”- डॉ. निर्मल जैन

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महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव क्यों ? – मनोज जैन

by Dr. Nirmal Jain Jain (ret. Judge)•0•Mahavir Jayanti 2020, महावीर जयंती
अपने−अपने परम्परागत वैशिष्टय को रखते हुए सभी वर्ग, जाति एवं धर्म एक−दूसरे के समीप आयें- तीर्थंकर महावीर
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अपने−अपने परम्परागत वैशिष्टय को रखते हुए सभी वर्ग, जाति एवं धर्म एक−दूसरे के समीप आयें- तीर्थंकर महावीर

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क्या सत्य का ठेका किसी एक व्यक्ति या वर्ग ने ही ले रखा है? -डॉ. निर्मल जैन 

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