डॉ. निर्मल जैन
Dr. Nirmal Jain is a Retired Judge and is a columnist. SAHITYA RATAN awardee. H.J.S. Retd. M.Com.,LL.B., , VISHARAD.Ph.D.
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शॉर्टकट हमें दुखों के चक्रव्यूह में फंसाता है- डॉ. निर्मल जैन
जो कर्तव्यामृत पियेगा उसका उत्थान होगा ही। भौतिक शरीर छोड़ने के बाद…
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महावीर निर्वाण कल्याणक“मैं” से स्वयं में जाना निर्वाण हैं- डॉ. निर्मल जैन (ret. Judge)
“ज्ञान और आलोक का उत्सव –दीपावली जैन विचारधारा के चौबीसवें तीर्थंकर महावीर…
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बस ! इतना सा ख्वाव है – जनबल मेरे साथ हो झंडा मेरे हाथ हो : डॉ. निर्मल जैन
अपने में कुछ जोड़ने के प्रयास में सब कुछ टूटता जा रहा…
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बेटी, “बहू-बेटी” स्वयं बने या हम बनायेंगे? डॉ. निर्मल जैन (जज)
पुत्री-दिवस (Daughter’s Day) विभिन्न देशों में अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है।…
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मेरी तो बस हथेली ही गीली हुई -डॉ. निर्मल जैन
दशलक्षण पर्व का समापन हो गया। कोरोना-काल में भी अपने परिवार और साथियों…
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अपरिग्रह व्रत, स्वयं को प्रकृति से जोड़े रखने का आश्वासन है -डॉ. निर्मल जैन
पर्युषण पर्व का नवां अंग, उत्तम आकिंचनधर्म। आकिंचन और परिग्रह परस्पर पूरक…
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अगर “अंतिम मैच” में रन नहीं बटोरे तो नैट-प्रेक्टिस अर्थहीन हो जाती है -डॉ. निर्मल जैन
“पापा! यहॉं की सुबह से शाम तक की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में…
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नीबू की एक बूंद दूध की मिठास को दही की खटास में परिवर्तित कर देती है। -डॉ. निर्मल जैन
एक संत विहार करते हुए रास्ते में एक बहुत ही आकर्षक रूप…
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सच कहना न तो निंदा है और न ही उससे पाप या नर्क का बंध होता है -डॉ. निर्मल जैन
इन दिनों हम सभी बचाने में लगे हैं। कोई देश बचा रहा…
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मन का माना मर गया, मन को मारा तर गया – डॉ. निर्मल जैन
बचपन में हमारा मन स्कूल जाने को नहीं किया, करीब-करीब हम सभी लोग…
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हम दुख नहीं चाहते लेकिन दुखों को न्योता देने वाले काम खूब करते हैं – डॉ. निर्मल जैन
कपड़ों पर जरा सा भी दाग लग जाए हम उद्गिन हो जाते…
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प्रशंसक हैं अथवा किसी प्रयोजन हेतु जुड़े चापलूस – डॉ. निर्मल जैन
लॉकडाउन में शरीर के आवागमन की मर्यादा हो गयी है। जब शरीर मंद…
