दिल्ली में रामलीला आयोजनों के लिए ट्रैफिक पुलिस अलर्ट, 73 आयोजकों के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट, निर्धारित पार्किंग और पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ते बनाने के निर्देश; एंबुलेंस व फायर टेंडर के लिए रास्ते खाली रखने की अपील

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2026। राजधानी दिल्ली में आगामी रामलीला आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 8 अक्टूबर को सेंट्रल, ईस्टर्न और नॉर्दर्न रेंज की रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (जोन-I) विजयंत गोयल आर्य ने की।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में कुल 73 आयोजकों ने हिस्सा लिया। संबंधित क्षेत्रों के पुलिस उपायुक्त (DCP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी उपस्थित रहे। बैठक में रामलीला स्थलों के आसपास यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पैदल यात्रियों की आवाजाही और आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध रास्ते उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने पर जोर

बैठक में रामलीला आयोजकों को निर्देशित किया गया कि भीड़ का व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग गेट बनाए जाएं। गेट की जगह तय करते समय आसपास की सड़कों, संभावित भीड़ और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय करने पर जोर दिया गया।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि गेट के सामने और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर वाहन खड़े नहीं होने चाहिए। इससे दर्शकों के आने-जाने के दौरान भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने में मदद मिलेगी।

पैदल यात्रियों के लिए अलग रास्ते और सुरक्षित आवाजाही

रामलीला स्थलों पर पैदल आने वाले लोगों और वाहनों की आवाजाही के बीच टकराव की आशंका कम करने के लिए अलग पैदल प्रवेश मार्ग और स्पष्ट रूप से चिह्नित रास्ते बनाने पर जोर दिया गया।

आयोजकों को सलाह दी गई कि पार्किंग क्षेत्रों से रामलीला स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते खुले और सुरक्षित रखे जाएं। कार्यक्रम शुरू होने और समाप्त होने के समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया, क्योंकि इन अवधियों में पैदल यात्रियों और वाहनों की संख्या एक साथ बढ़ सकती है।

निर्धारित पार्किंग व्यवस्था और मार्शलों की तैनाती

बैठक में आयोजकों को पर्याप्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने और उनकी व्यवस्था स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर तय करने की सलाह दी गई। वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आसपास की सड़कों, चौराहों और रामलीला स्थलों के प्रवेश मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

प्रवेश और निकास द्वारों, पार्किंग क्षेत्रों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त संख्या में मार्शल तैनात करने पर भी जोर दिया गया। मार्शलों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में पहले से जानकारी देने और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।

मार्शल वाहनों को सही दिशा में भेजने, पैदल यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित करने और कार्यक्रम के दौरान लोगों के प्रवेश तथा सुरक्षित निकासी में सहयोग करेंगे।

एंबुलेंस और दमकल वाहनों के लिए रास्ते खाली रखना अनिवार्य

बैठक में आपातकालीन सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस और दमकल वाहनों के लिए निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम स्थल की योजना बनाते समय आपातकालीन वाहनों की आवाजाही के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करें और पूरे आयोजन के दौरान इन रास्तों को बाधामुक्त रखें।

इसके साथ ही आसपास के अस्पतालों की पहचान पहले से करने और उनके संपर्क नंबर उपलब्ध रखने की सलाह दी गई, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क और समन्वय किया जा सके।

आयोजकों, मार्शलों और स्वयंसेवकों को भी आपातकालीन रास्तों तथा संबंधित अधिकारियों के संपर्क विवरण की जानकारी रखने को कहा गया।

पंडाल और मंच निर्माण के दौरान सुरक्षा सावधानियां

रामलीला स्थलों पर पंडाल, मंच और अन्य अस्थायी ढांचे तैयार करते समय भी सुरक्षा नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया। पुलिस ने कहा कि निर्माण सामग्री और उपकरण इस तरह रखे जाएं कि आसपास की सड़कें, पैदल रास्ते और आपातकालीन मार्ग बाधित न हों।

बैठक में संबंधित एजेंसियों के समन्वय से अग्नि सुरक्षा और संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने के महत्व को भी रेखांकित किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने और दर्शकों के लिए स्थल खोलने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।

आयोजकों को यह भी कहा गया कि प्रवेश, निकास और आपातकालीन निकासी के रास्ते पूरे कार्यक्रम के दौरान खुले और इस्तेमाल के योग्य बने रहें।

तैयारियों से लेकर कार्यक्रम समाप्त होने तक समन्वय जरूरी

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को केवल कार्यक्रम के दिन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि आयोजन की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम समाप्त होने और दर्शकों की अंतिम निकासी तक इसे प्राथमिकता दी जाए।

आयोजकों से संबंधित DCP, ACP और ट्रैफिक इंस्पेक्टरों के संपर्क में रहने तथा यातायात से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान करने की अपील की गई।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की नागरिकों से अपील

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रामलीला समितियों, आयोजकों और दर्शकों से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें।

पुलिस ने पैदल यात्रियों के रास्तों और आपातकालीन मार्गों को खाली रखने की भी अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, आयोजकों, स्वयंसेवकों, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से रामलीला समारोहों के दौरान सुरक्षित माहौल, सुचारु यातायात और आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का संदेश स्पष्ट है—रामलीला का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ हो, लेकिन यातायात अनुशासन और सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *