नई दिल्ली/हैदराबाद: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिरने के बाद A. Revanth Reddy ने Bharatiya Janata Party पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने के लिए संवैधानिक बदलाव की साजिश कर रही थी।

रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार महिलाओं के प्रति ईमानदार है, तो 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में 33% आरक्षण लागू करके दिखाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों और विधानसभा सीटों में एक-तिहाई आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 की जनगणना और पूर्व परिसीमन के आधार पर 2026 तक यह व्यवस्था लागू करना संभव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि सरकार संशोधित बिल पेश करती है, तो Indian National Congress और INDIA गठबंधन उसका समर्थन करेंगे।

परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई। रेवंत रेड्डी ने कहा कि “प्रो-राटा” आधार पर सीटों का बंटवारा दक्षिणी और छोटे राज्यों के साथ अन्याय करेगा। उन्होंने मांग की कि इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और सभी राज्यों व जनता से व्यापक राय ली जाए।
उन्होंने दक्षिण के मुख्यमंत्रियों—M. K. Stalin, Siddaramaiah, Pinarayi Vijayan, N. Chandrababu Naidu और पुडुचेरी के N. Rangaswamy के साथ बातचीत की पहल करने की भी बात कही।
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री G. Kishan Reddy और सांसद K. Laxman पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे राज्य के हितों की बजाय राजनीतिक पदों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक विधेयक की हार नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों और मंशा पर सवाल खड़े करता है।

