नई दिल्ली, 25 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की जीत करार देते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज तथा पैलेट गन के इस्तेमाल के आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

दस जनपथ में आयोजित पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने ही छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग और घातक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी। राहुल गांधी ने मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का आदेश देने वाले तथा उन आदेशों को लागू करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी देश के युवाओं से उनके भविष्य के साथ कथित तौर पर किए गए खिलवाड़ और छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

संसद में मुद्दा उठाएगा विपक्ष

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस पूरे मामले को संसद में प्रमुखता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा देश के भविष्य यानी छात्रों पर गोलियां चलाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष को वह देश के अतीत और भविष्य के बीच की लड़ाई के रूप में देखते हैं। राहुल गांधी ने कहा, “युवा हिंदुस्तान का भविष्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा आरएसएस देश का अतीत हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का भविष्य अतीत को हरा देगा।”

शिक्षा व्यवस्था पर हमले का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से देश की शिक्षा व्यवस्था पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते प्रभाव पर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी है, तो आरएसएस की भी उतनी ही जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की शिक्षा व्यवस्था को “दीमक की तरह अंदर से खोखला” कर दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था के कथित विनाश और अक्षमता का प्रतीक बन गए थे। उन्होंने कहा कि उनका जाना तय था और अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों और विपक्ष की ओर से सरकार के लिए यह एक चेतावनी है कि देश को इस तरह नहीं चलाया जा सकता। राहुल गांधी ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि वह इसी दिशा में आगे बढ़ती रही तो आने वाले समय में आज की तुलना में दस गुना बड़ा विरोध देखने को मिल सकता है।

छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जारी रहेगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस देशभर में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।

इससे पहले राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ हुई बैठक में पेपर लीक, छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था में आरएसएस के कथित प्रभाव सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उन युवाओं पर गर्व है जो संविधान और संस्थानों पर कथित हमले तथा देश के भविष्य को प्रभावित करने वाली नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

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