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PM’s Address to the Nation: नारी शक्ति वंदन संशोधन पास न होने पर प्रधानमंत्री का देश को संबोधन

नई दिल्ली : नारी शक्ति वंदन संशोधन संसद में पास न होने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की महिलाओं से भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के बावजूद यह संशोधन पारित नहीं हो सका, जिसके लिए उन्होंने देश की माताओं, बहनों और बेटियों से क्षमा भी मांगी।

🗣️ महिलाओं के सपनों पर चोट: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “देश की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया है और उनके सपनों को कुचल दिया गया है।” उन्होंने इसे देश के लिए दुखद बताया और कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास था।

⚖️ विपक्षी दलों पर तीखा हमला

प्रधानमंत्री ने Indian National Congress, DMK, Trinamool Congress और Samajwadi Party जैसे दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी “स्वार्थी राजनीति” के कारण यह संशोधन पास नहीं हो पाया।
उन्होंने दावा किया कि संसद में बिल गिरने पर कुछ विपक्षी दलों ने खुशी जताई, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।

👩‍⚖️ महिला आरक्षण को बताया समय की मांग

प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की महिलाओं को नए अवसर देने का एक बड़ा कदम था। यह देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में बराबरी दिलाने का प्रयास था और 2029 के लोकसभा चुनाव से इसे लागू करने की दिशा में पहल थी।

🔥 परिसीमन और प्रतिनिधित्व पर सफाई

प्रधानमंत्री ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी।

🗳️ राजनीतिक बहस तेज

इस मुद्दे पर देश की राजनीति गरमा गई है। जहां सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि बिल में कई व्यावहारिक और संरचनात्मक खामियां हैं।

📊 आगे की रणनीति

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास रुकेगा नहीं और महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में इस संशोधन को फिर से लाया जाएगा।

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