नई दिल्ली, 18 अप्रैल — लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। Priyanka Gandhi Vadra ने इसे लोकतंत्र और संविधान की जीत बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने सरकार की “साजिश” को नाकाम कर दिया। उनके अनुसार, सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन की प्रक्रिया को अपने राजनीतिक हित में इस्तेमाल करना चाहती थी।
महिला आरक्षण पर विपक्ष का रुख
उन्होंने स्पष्ट किया कि Indian National Congress समेत पूरा विपक्ष महिला आरक्षण के पक्ष में है।
उनकी मांगें:
- 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाए
- लोकसभा की 543 सीटों में से 33% महिलाओं को आरक्षण दिया जाए
- ओबीसी महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिले
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण करना चाहती थी, जिससे बिना सामाजिक आंकड़ों के संतुलन बिगड़ सकता था। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह इसे तुरंत लागू करने के पक्ष में है।

उन्होंने मांग की कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को बिना देरी लागू किया जाए और लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को दिया जाए। साथ ही ओबीसी महिलाओं के लिए भी उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही।
प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विशेष सत्र अचानक बुलाकर विधेयक को जल्दबाजी में पेश किया गया, जिससे पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।

