विचार
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पश्चिम एशिया संकट के कुप्रभाव से मुक्तिदाता, “अपरिग्रह, संयम, और परिग्रह-परिमाण सूत्र” – डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश
पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, राजनेताओं, प्रशासन…
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व्यक्ति के अंदर की पीड़ा को पहचानना भी समाज का धर्म है -CA सुरेश कोठारी
दुर्ग में हाल ही में घटी एक अत्यंत दुखद घटना ने पूरे…
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सम्मान और उपाधि देने से पहले पात्रता का विचार करना क्यों आवश्यक है – नितिन जैन
समाज में किसी भी व्यक्ति को दिया गया सम्मान, पदवी या विशेष…
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राष्ट्र साधना के 100 वर्ष – नरेंद्र दामोदरदास मोदी
100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की…
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नववर्ष की पुकार – पीछे मुड़ कर समझें और आगे बढ़ कर जीयें : डॉ निर्मल जैन (से.नि. न्यायाधीश)
अँग्रेजी नया साल 2025 हमारी आकांक्षाओं को चित्रित करने के लिए हमारे सामने एक…
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रिश्ते, रिसते घाव न बन जायें -डॉ निर्मल जैन से.नि. न्यायाधीश
जीवन का सिलसिला बचपन के विशाल मैदान में खेलते-कूदते शिक्षण के दायरे…
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पहले बाहर से अपनी सुरक्षा मजबूत की जाए तब अंदर….
-डॉ.निर्मल जैन ( से.नि.जज) जो तत्पर हैं निज-रक्षा को रक्षित उनके अधिकार…
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सतत् संवाद से संभव होता विकास और बदलाव
-विष्णुदत्त शर्मा विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी…
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संत कबीर का जीवन दर्शन मनुष्य को नारायणत्व की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है
-डॉ. राघवेन्द्र शर्मा जब कभी भी हम अपने मन और मस्तिष्क में…
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दिखाओ चाबुक तो झुक कर सलाम करते हैं- हम वो शेर हैं जो सर्कस में काम करते हैं। डॉ. निर्मल जैन (जज)
दिखाओ चाबुक तो झुक कर सलाम करते हैं- हम वो शेर हैं…
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नए साल की तारीख भले ही विदेशी, लेकिन उत्सव-भाव स्वदेशी
डॉ. निर्मल जैन (जज से.नि.) नव वर्ष दुनिया भर में हर देश, समुदाय, नगर…
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Vijay Dashmai: पराक्रम का पथ है विजयादशमी – शिवप्रकाश
भारतीय परम्परा में विजयादशमी भगवान श्रीराम की लंका अधिपति रावण के ऊपर…
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सावधान रहिए, चिंतित नहीं -डॉ.निर्मल जैन (जज)
हम उन चीजों से कम बीमार होते हैं जो हम खाते हैं।…
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इसे क्या कहेंगे? लज़्ज़ा या निर्लज़्ज़ता
आजकल प्रदर्शन का जमाना हैं, प्रकृति का भी अपना दिखावा हैं वह…
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क्या हनुमान चालीसा ने विचलित किया चालीस विधायकों को -डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’
Did Hanuman Chalisa disturb forty MLAs – Dr. Mahendra Kumar Jain ‘Manuj’
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डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत व्यर्थ नहीं जाएगा डॉ. मुखर्जी का बलिदान
Dr. Shyama Prasad Mukherjee,
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योग से दुनिया का बढ़ता जुड़ाव – सारिका जैन #InternationalDayofYoga #IYD2022
अब ‘विश्व योग दिवस पूरी दुनिया में एक सालाना उत्सव बन गया…
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समाज सेवा से मिलती है लंबी आयु व स्वस्थ जीवन
जो व्यक्ति निःस्वार्थ भाव से समाजसेवा में रत रहते हैं, वे सामान्य…
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Republic Day 2022: हम भारत के लोग-शिव प्रकाश
26 जनवरी 1950 को देश ने अपना संविधान स्वीकार किया। संविधान स्वीकृति…
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भारतीय शौर्य की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखेगा ‘वीर बाल दिवस’
भारत की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हमारे पूर्वजों ने…
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तीन पीढ़ियों के महाबालिदानी – गुरू गोविन्द सिंह जी
लेखक – विनोद बंसल दुनिया में देश व धर्म की रक्षार्थ अपना…
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नव सृजन से हो नव-वर्ष का अभिनंदन -विनोद बंसल
भारत व्रत, पर्व व त्योहारों का देश है। यूं तो हम हर दिन…
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1971 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ था -जनरल वी.के. सिंह
14 दिसम्बर 1971 को वायुसेना के फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों श्रीनगर…
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व्यर्थ ना जाए नाली में – डॉ निर्मल जैन (न्यायाधीश)
हाल ही में हमने जय-जवान जय-किसान नारा देने वाले भारत के यशस्वी…
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निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
डॉ. हरीश जैन भाषा मानव संप्रेषण का एक अप्रतिम साधन है। सामाजिक…
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लव जिहाद: न लव, न जिहाद, न साजिश, केवल स्व-निर्मित परिस्थिति -डॉ. निर्मल जैन (जज)
एक लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जब कोई सुपरफास्ट, द्रुतगामी एक्सप्रेस ट्रेन…
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Small time repairs should also come under essential services- Nitin Saxena
New Delhi: The Indian government has failed to upgrade the list of…
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अपने मन और कामनाओं पर लॉक-डाउन लगा के देख फिर- डॉ निर्मल जैन (न्यायाधीश)
भविष्य की सुविधाओं को खरीदने के लिए हम अपना वर्तमान बेचने लगे।…
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Delhi CM Arvind Kejriwal failed in building health structure particularly for combatting corona virus’ second wave – Nitin Saxena
New Delhi: There is no point in debating over the need for…
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India gunning for Modi and tags him as a failed PM
New Delhi: The callousness of Narendra Modi in handling Covid surge has…
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ऐसे लौटेगा भारत में राम राज्य -विनोद बंसल
भारत के राष्ट्रीय पर्वों व त्योहारों में 15 अगस्त और 26 जनवरी…
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शॉर्टकट हमें दुखों के चक्रव्यूह में फंसाता है- डॉ. निर्मल जैन
जो कर्तव्यामृत पियेगा उसका उत्थान होगा ही। भौतिक शरीर छोड़ने के बाद…
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बेतवा – केन नदियों का जोड़ना कितना लाभकारी होगा ?
केन नदी मध्य प्रदेश स्थित कैमूर की पहाड़ी से निकलती है और…
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Indian farmers’ agitation not relenting -Nitin Saxena
The Indian farmers’ agitation is the first salvo against the corporatization of…
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समय धन से अधिक मूल्यवान होता हैं
वैद्य अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल धन कमाने में श्रम लगता हैं ,लागत…
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मानसिक संकीर्णता का परिचय- Indian Medical Association और Ayush मंत्रालय का विवाद -डॉ. अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल
बुद्धिजीवी मेडिकल एसोशिएशन की मान्यता हैं की पूरे विश्व के साथ भारत…
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गाँधी जयंती एक औपचारिकता -डॉ.अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल
आज गाँधी जयंती या अहिंसा दिवस मात्र एक औपचारिकता होती जा रही…
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हाथरस की मार्मिक घटना का आखिर हश्र क्या होगा ?-डॉ.अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल
वर्तमान में विश्व स्तर पर हिंसा ,बलात्कार ,चोरी, हिंसा और जमाखोरी आदि…
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बस ! इतना सा ख्वाव है – जनबल मेरे साथ हो झंडा मेरे हाथ हो : डॉ. निर्मल जैन
अपने में कुछ जोड़ने के प्रयास में सब कुछ टूटता जा रहा…
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आज है स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की 113वीं जयंती, उनके लिखे कुछ प्रसिद्ध नारे जिससे भारत में क्रांति की लहर सी दौड़ पड़ी थी
28 सितंबर, 1907 को बंगा, पंजाब (वर्तमान पाकिस्तान) में जन्मे भगत सिंह,…
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सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं भारत की कई आबादी भी ड्रग्स का शिकार हो रही है
जहाँ एक तरफ़ बॉलीवुड की रंगीन दुनिया के पीछे छुपे काले ड्रग्स…
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हिन्दी को भी चाहिए संक्रमण से मुक्ति -विनोद बंसल
किसी राष्ट्र को समझना हो तो उसकी संस्कृति को समझना आवश्यक है।…
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Why Corporation of OFB will not go the BSNL way? Col KV Kuber
Recently, the Department of Defence Production, Ministry of Defence issued an Expression…
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जो किसान आषाढ़ में आलसी रहता है उसका मामला बिगड़ जाता है : मुनि समता सागर जी
जो किसान आषाढ़ में आलसी रहता है,उस किसान का मामला बिगड़ जाता…
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शिक्षक दिवस 2020: जानिए डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन से जुड़ी कुछ खास बातें
यदि कोई देश को भ्रष्टाचार मुक्त और सुंदर मन वाले लोगो का…
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इंसान के रूप में भेड़िया: कैसे बचेंगी बेटियां
यूँ तो कई वजह बताते है की बलात्कार क्यों होते हैं? कभी…
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मेरी तो बस हथेली ही गीली हुई -डॉ. निर्मल जैन
दशलक्षण पर्व का समापन हो गया। कोरोना-काल में भी अपने परिवार और साथियों…
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अपरिग्रह व्रत, स्वयं को प्रकृति से जोड़े रखने का आश्वासन है -डॉ. निर्मल जैन
पर्युषण पर्व का नवां अंग, उत्तम आकिंचनधर्म। आकिंचन और परिग्रह परस्पर पूरक…
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क्षमा धारण करते ही बाकी सभी धर्म का स्वत: ही समावेश हो जाता है
दशधर्म पर्व का प्रथम अंग क्षमा। भूल होना मानव स्वभाव है। लेकिन…
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खैरात में मिली मलाई चेहरे पर लगाकर गौशाला मालिक होने का वृथा दंभ -डॉ. निर्मल जैन
जुगल किशोर जी मुख्तार ‘युगवीर’ की ‘मेरी भावना’ जब बच्चों की शिक्षा…
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लाकडाउन ने सिखाया स्वावलंबी बनो
लेखक- रमेश जैन कोरोना महामारी के कारण लगे लाकडाउन के दौरान सारी…
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अगर “अंतिम मैच” में रन नहीं बटोरे तो नैट-प्रेक्टिस अर्थहीन हो जाती है -डॉ. निर्मल जैन
“पापा! यहॉं की सुबह से शाम तक की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में…
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नीबू की एक बूंद दूध की मिठास को दही की खटास में परिवर्तित कर देती है। -डॉ. निर्मल जैन
एक संत विहार करते हुए रास्ते में एक बहुत ही आकर्षक रूप…
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युवाओं में मानसिक अवसाद की अधिकता का क्या कारण -डॉ. अरविन्द प्रेमचंद
वर्तमान में युवा वर्ग शिक्षित जरूर हुए पर व्यवहारिक जीवन से अनभिज्ञ…
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सच कहना न तो निंदा है और न ही उससे पाप या नर्क का बंध होता है -डॉ. निर्मल जैन
इन दिनों हम सभी बचाने में लगे हैं। कोई देश बचा रहा…
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जो पाप बांटते समय किसी की नहीं सुनता, “भोगते” समय भी कोई उस की नहीं सुनता -डॉ. निर्मल जैन
विंस्टन चर्चिल एक पागलखाने में व्यवस्था देखने गए। वहां एक पागल कागज…
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Bloody June – Nitin Saxena
New Delhi: Indians failed to strongly pronounce their open declaration of patriotism…
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Sushant Singh – victim of mockery
Ridiculing a few targeted film celebs by the established film makers reflects…
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जीवन अलभ्य है, जीवन सौभाग्य है उससे पलायन क्यों ? -डॉ. निर्मल जैन
ऐश्वर्यशाली जीवन सुख सुविधाएं, करोड़ों रुपये की संपत्ति, अल्प काल में दौलत-शोहरत और सम्मान…
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मन का माना मर गया, मन को मारा तर गया – डॉ. निर्मल जैन
बचपन में हमारा मन स्कूल जाने को नहीं किया, करीब-करीब हम सभी लोग…
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Kejriwal walking on a tight rope – Nitin Saxena
New Delhi: Delhi government has come under a tight spot after the…
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What the hell Kejriwal? Nitin Saxena
New Delhi: There is a concerted effort to tarnish the image of…
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हम दुख नहीं चाहते लेकिन दुखों को न्योता देने वाले काम खूब करते हैं – डॉ. निर्मल जैन
कपड़ों पर जरा सा भी दाग लग जाए हम उद्गिन हो जाते…
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जो जोड़ने का सोपान है उसे लेकर इतनी तोड़-फोड़ क्यों ? -डॉ. निर्मल जैन
सूर्य के दर्शन के लिए दीपक जलाने की मूर्खता कोई नहीं करता।…
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अहिंसक राष्ट्र ने अहिंसक खाद्य पर प्रतिबंध लगाया (चीन ने भारत से सूअर के मांस आयात पर लगाया प्रतिबन्ध) डॉ. अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल
जैसा कहा गया हैं कि दो समान विचारधारा के जहाँ मिल जाएँ…
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कारोना तू है तो भक्षक लेकिन हम तुझमें शिक्षक भी देख रहे हैं – डॉ. निर्मल जैन
आपदा चाहें प्राकृतिक हो या मानवीय भूल से हो, हमें अस्त-व्यस्त और…
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ये तेरी बस ये मेरी बस, बेचारा पदयात्री मजदूर चारों ओर से बेबस -अशोक कुमार
पिछले दिनों उत्तरप्रदेश में बसों को लेकर जो राजनीति हुई,वह काफी दुखदायी…
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इतने कमजोर तो कभी न थे हम : चीन, पाकिस्तान के बाद अब तो नेपाल जैसा देश भी किसी फिल्मी गुंडे की तरह हमे आंखे दिखाकर डराने का प्रयास कर रहा है- नितिन सक्सेना
भले ही आज हमारी गिनती अग्रणी देशों में होती है, बावजूद इसके…
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बुद्ध ने अपने अंतिम उपदेश में शिष्यों से कहा था कि -अपना प्रकाश खुद बनो, अर्थात “आत्मनिर्भर बनो”। -डॉ. निर्मल जैन
शिष्य आनंद उनके इस उपदेश से अत्यंत दुखी हुआ। तब बुद्ध ने…
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कोरोना —तेरे कितने रोना ! -डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल
भारत वर्ष कृषिप्रधान ,श्रमिक प्रधान ,भूख प्रधान ,झूठप्रधान इत्यादि कितने प्रधान के…
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Top class in middle-class – the lady of the house: Nitin Saxena
New Delhi: Everybody is so busy in accentuating the war with COVID…
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खोजो तो हर दुख में सुख और हर व्यक्ति में दुर्योधन ही नहीं अर्जुन भी छिपा है -डॉ. निर्मल जैन
मुँह में एक दॉंत टूट जाता है तो हमारी जीभ सतत वहीं…
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Negativity-bias spread faster than COVID19 : Nitin Saxena
New Delhi: When was the last time you switched your television news…
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Side effects of COVID 19- Big gloom, little sunshine : Nitin Saxena
New Delhi: The major side effect of COVID-19 is likely to be…
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Has the government failed partially to handle the COVID 19 crisis?
Writer- Nitin Saxena New Delhi: What a shame! The COVID 19 warriors…
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Pandemic Analysis/ Sarkaar ne kya dikhaya, kya chupaya -Nitin Saxena
New Delhi: The COVID 19 has taught us a few lessons of…
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प्रशंसक हैं अथवा किसी प्रयोजन हेतु जुड़े चापलूस – डॉ. निर्मल जैन
लॉकडाउन में शरीर के आवागमन की मर्यादा हो गयी है। जब शरीर मंद…
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स्वप्न और खजाने क्या कभी पूरे भर पाते हैं?- डॉ. निर्मल जैन
एक दिन मैंने अद्भुत सपना देखा। सपने में मैं ऐसा भिखारी बना…
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क्या हम रात्रि-भोजन के त्यागी हैं? – डॉ. निर्मल जैन
(यह लेख रात्रि-भोजन का समर्थक नहीं है। अपितु जैनधर्म के अनुसार रात्रि-भोजन-त्याग को…
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झुमके तो 10 तोले के ही पहने जाएंगे भले ही कानों की लौ छी जाए- डॉ. निर्मल जैन
मत करो देश की चिंता। न फिक्र करो समाज की। मत मानो…
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लॉक”DOWN” में मनोबल “UP” बनाए रखने की स्रोत -महिला-शक्ति के नाम: डॉ. निर्मल जैन
NOTE-(यह लेख केवल सच का उदघाटन करता है किसी पर आक्षेप नहीं।)…
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नाम परिवर्तन से गुण-दोष नहीं बदलते- डॉ. निर्मल जैन
वह सब कुछ जो अच्छा नहीं है केवल इसलिए अच्छा नहीं बन…
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लॉकडाउन से निकला सच-जीवन-यापन के खर्च तो कम, दिखावा ही खर्चीला होता है। – डॉ. निर्मल जैन
लेखक-डॉ. निर्मल जैन भविष्य की सुविधाओं को खरीदने के लिए हम अपना…
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प्रेम ही मार्ग है, प्रेम ही हमारी मंजिल है – ममता जैन, एडवोकेट
लेखिका- एडवोकेट ममता जैन, संत कबीर कुछ सोच-विचार कर ही कह गए हैं…
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“हम हैं तो मूलत: कृष्ण अगर भटक गए तो कंस”- डॉ. निर्मल जैन
लेखक-डॉ. निर्मल जैन हम में से हर कोई सब को व्यवस्थित देखना…

